📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
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अपराध
उत्तर प्रदेश के कक्षा 11 के ड्रॉपआउट ने एआई से नकली बैंकिंग ऐप बनाए, साइबर अपराधियों को सहायता
✍️ NDTV
🗓 23 जुल. 2026, 04:19 AM
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उत्तर प्रदेश के कक्षा 11 के ड्रॉपआउट ने एआई का उपयोग करके नकली बैंकिंग एप्लिकेशन बनाए, जिन्हें साइबर अपराधी इस्तेमाल कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के कक्षा 11 के ड्रॉपआउट को नकली बैंकिंग एप्लिकेशन बनाने के लिए एआई का उपयोग करते हुए पाया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस व्यक्ति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का इस्तेमाल करके ऐसे ऐप बनाए जो वैध बैंकिंग प्लेटफॉर्म के समान दिखते हैं। इन ऐप्स में लॉगिन स्क्रीन, लेनदेन इंटरफ़ेस और नकली सुरक्षा संकेत जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
साइबर अपराधी इन ऐप्स को उपयोगकर्ताओं में बाँट रहे हैं, जिससे वे व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुरा लेते हैं। प्राप्त डेटा का उपयोग धोखाधड़ी, पहचान चोरी और अनधिकृत धन हस्तांतरण के लिए किया जा सकता है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ अब ऐप्स के स्रोत की जाँच कर रही हैं और वितरण नेटवर्क को ट्रेस करने का प्रयास कर रही हैं। यह घटना एआई‑आधारित टूल्स के दुरुपयोग से उत्पन्न वित्तीय जोखिमों को उजागर करती है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस व्यक्ति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का इस्तेमाल करके ऐसे ऐप बनाए जो वैध बैंकिंग प्लेटफॉर्म के समान दिखते हैं। इन ऐप्स में लॉगिन स्क्रीन, लेनदेन इंटरफ़ेस और नकली सुरक्षा संकेत जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
साइबर अपराधी इन ऐप्स को उपयोगकर्ताओं में बाँट रहे हैं, जिससे वे व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुरा लेते हैं। प्राप्त डेटा का उपयोग धोखाधड़ी, पहचान चोरी और अनधिकृत धन हस्तांतरण के लिए किया जा सकता है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ अब ऐप्स के स्रोत की जाँच कर रही हैं और वितरण नेटवर्क को ट्रेस करने का प्रयास कर रही हैं। यह घटना एआई‑आधारित टूल्स के दुरुपयोग से उत्पन्न वित्तीय जोखिमों को उजागर करती है।