📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / L. Magado (Dessinateur des travaux hydrauliques du
विदेश
UN मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अक़साई चिन को भारतीय‑चीन सीमा रेखाओं के बीच दिखाया
✍️ The Hindu
🗓 07 सित. 2026, 05:33 PM
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संयुक्त राष्ट्र ने नया मानचित्र जारी किया, जिसमें अरुणाचल प्रदेश और विवादित अक़साई चिन को भारत‑चीन की सीमा रेखाओं के बीच दिखाया गया है।
संयुक्त राष्ट्र ने एक नया मानचित्र जारी किया, जिसमें उत्तर‑पूर्व में अरुणाचल प्रदेश और हिमालय के पश्चिमी भाग में अक़साई चिन दोनों को दिखाया गया है। इस मानचित्र में दोनों क्षेत्रों को दो समानांतर रेखाओं के बीच रखा गया है – एक भारत की और दूसरी चीन की, जो सीमा के दावों को दर्शाती हैं।
अरुणाचल प्रदेश, जिसे भारत प्रशासनिक रूप से नियंत्रित करता है लेकिन चीन "साउथ टिबेट" के हिस्से के रूप में दावा करता है, और अक़साई चिन, जो चीन के नियंत्रण में है पर भारत लद्दाख का हिस्सा मानता है, इस यूएन चित्र में एक साथ दिखाए गए हैं। यह चित्र किसी पक्ष का समर्थन नहीं करता, बल्कि मौजूदा सीमा विवाद की स्थिति को दर्शाता है।
यह कदम नई दिल्ली और बीजिंग के बीच चल रहे सीमा‑संबंधी वार्तालापों के बीच आया है। जबकि यूएन ने संप्रभुता पर कोई रुख नहीं लिया है, यह मानचित्र सीमा विवाद की जटिलता को उजागर करता है और भविष्य में बहुपक्षीय चर्चाओं के लिए संदर्भ बिंदु बन सकता है।
अरुणाचल प्रदेश, जिसे भारत प्रशासनिक रूप से नियंत्रित करता है लेकिन चीन "साउथ टिबेट" के हिस्से के रूप में दावा करता है, और अक़साई चिन, जो चीन के नियंत्रण में है पर भारत लद्दाख का हिस्सा मानता है, इस यूएन चित्र में एक साथ दिखाए गए हैं। यह चित्र किसी पक्ष का समर्थन नहीं करता, बल्कि मौजूदा सीमा विवाद की स्थिति को दर्शाता है।
यह कदम नई दिल्ली और बीजिंग के बीच चल रहे सीमा‑संबंधी वार्तालापों के बीच आया है। जबकि यूएन ने संप्रभुता पर कोई रुख नहीं लिया है, यह मानचित्र सीमा विवाद की जटिलता को उजागर करता है और भविष्य में बहुपक्षीय चर्चाओं के लिए संदर्भ बिंदु बन सकता है।