*सचिव ने किया विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
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*सचिव ने किया विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन*
जैसलमेर, 08 सिंतबर। माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के एक्शन प्लान के निर्देशों की पालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर ओमी पुरोहित के निर्देशन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित पुरोहित ने ‘‘अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस’’ केे अवसर पर पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सीमा सुरक्षा बल, डाबला में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया।
शिविर में सचिव ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं अध्यापकगण को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी देते हुए इस वर्ष की थीम ‘‘लोगों, पृथ्वी और समृद्धि के लिए साक्षरता’’ के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि यह थीम हमें यह संदेश देती है कि साक्षरता का उद्देश्य ऐसा समाज बनाना है जिसमें व्यक्ति अपने जीवन, समाज और पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर बेहतर निर्णय ले सके। आज के डिजिटल युग में साक्षरता का अर्थ और भी व्यापक हो गया है। अब व्यक्ति को केवल किताब पढ़ना ही नहीं, बल्कि मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया और डिजिटल जानकारी का सुरक्षित एवं सही उपयोग करना भी आना चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं की साक्षरता का प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। एक शिक्षित महिला पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को बदल सकती है।
उन्होंने बताया कि साक्षरता का संबंध न्याय और अधिकारों से भी है। कानूनी साक्षरता भी सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अतः एक शिक्षित व्यक्ति को संवैधानिक अधिकारों, महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षार्थ बने कानूनों के साथ-साथ निःशुल्क कानूनी/विधिक सहायता एवं सरकारी योजनाओं का उचित लाभ कैसे लिया जा सकता है, का भी ज्ञान होना आवश्यक है।
सचिव ने विद्यार्थियों एवं अध्यापकगण को प्रेरित करते हुए संदेश दिया किए हमारा लक्ष्य ऐसा समाज बनाना होना चाहिए जहाँ हर बच्चा पढ़ सके, हर युवा अपने अधिकारों तथा जिम्मेदारियों को समझ सके, हर महिला आत्मनिर्भर बन सके तथा वरिष्ठ नागरिकों का जीवन स्तर कल्याणकारी हो तथा वे सभी पीढ़ियों के मार्गदर्शक के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सके।
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जैसलमेर, 08 सिंतबर। माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के एक्शन प्लान के निर्देशों की पालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर ओमी पुरोहित के निर्देशन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित पुरोहित ने ‘‘अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस’’ केे अवसर पर पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सीमा सुरक्षा बल, डाबला में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया।
शिविर में सचिव ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं अध्यापकगण को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी देते हुए इस वर्ष की थीम ‘‘लोगों, पृथ्वी और समृद्धि के लिए साक्षरता’’ के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि यह थीम हमें यह संदेश देती है कि साक्षरता का उद्देश्य ऐसा समाज बनाना है जिसमें व्यक्ति अपने जीवन, समाज और पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर बेहतर निर्णय ले सके। आज के डिजिटल युग में साक्षरता का अर्थ और भी व्यापक हो गया है। अब व्यक्ति को केवल किताब पढ़ना ही नहीं, बल्कि मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया और डिजिटल जानकारी का सुरक्षित एवं सही उपयोग करना भी आना चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं की साक्षरता का प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। एक शिक्षित महिला पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को बदल सकती है।
उन्होंने बताया कि साक्षरता का संबंध न्याय और अधिकारों से भी है। कानूनी साक्षरता भी सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अतः एक शिक्षित व्यक्ति को संवैधानिक अधिकारों, महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षार्थ बने कानूनों के साथ-साथ निःशुल्क कानूनी/विधिक सहायता एवं सरकारी योजनाओं का उचित लाभ कैसे लिया जा सकता है, का भी ज्ञान होना आवश्यक है।
सचिव ने विद्यार्थियों एवं अध्यापकगण को प्रेरित करते हुए संदेश दिया किए हमारा लक्ष्य ऐसा समाज बनाना होना चाहिए जहाँ हर बच्चा पढ़ सके, हर युवा अपने अधिकारों तथा जिम्मेदारियों को समझ सके, हर महिला आत्मनिर्भर बन सके तथा वरिष्ठ नागरिकों का जीवन स्तर कल्याणकारी हो तथा वे सभी पीढ़ियों के मार्गदर्शक के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सके।
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