📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / The White House
विदेश
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने यूएनजीए में कश्मीर मुद्दा उठाया, संवाद की अपील
✍️ India Today
🗓 23 सित. 2026, 06:01 AM
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तायिप एर्दोगान ने कश्मीर विवाद को उजागर कर भारत‑पाकिस्तान के बीच संवाद की अपील की, जो यूएन चार्टर के अनुरूप हो।
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के उद्घाटन सत्र के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तायिप एर्दोगान ने कश्मीर विवाद को संबोधित किया। उन्होंने इस मुद्दे को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का प्रश्न बताया, जो नियंत्रण रेखा के दोनों ओर लाखों लोगों को प्रभावित करता है।
एर्दोगान ने यूएन चार्टर के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि विवादों का समाधान शांतिपूर्ण संवाद और पारस्परिक सम्मान के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों सरकारों से बिना किसी शर्त के सीधे बातचीत करने का आग्रह किया, ताकि कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं को सम्मानित करते हुए स्थायी समाधान निकाला जा सके।
तुर्की के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह किसी भी ऐसी पहल का समर्थन करे जो रचनात्मक वार्ता को प्रोत्साहित करे, यह रेखांकित करते हुए कि वार्ता ही दक्षिण एशिया में स्थायी शांति का एकमात्र व्यावहारिक मार्ग है।
एर्दोगान ने यूएन चार्टर के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि विवादों का समाधान शांतिपूर्ण संवाद और पारस्परिक सम्मान के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों सरकारों से बिना किसी शर्त के सीधे बातचीत करने का आग्रह किया, ताकि कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं को सम्मानित करते हुए स्थायी समाधान निकाला जा सके।
तुर्की के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह किसी भी ऐसी पहल का समर्थन करे जो रचनात्मक वार्ता को प्रोत्साहित करे, यह रेखांकित करते हुए कि वार्ता ही दक्षिण एशिया में स्थायी शांति का एकमात्र व्यावहारिक मार्ग है।