📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sunnya343
राजनीति
कर्नाटक में तुलु को दूसरा आधिकारिक भाषा घोषित, राजनीति में बदलाव
✍️ The Indian Express
🗓 24 सित. 2026, 06:31 AM
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कर्नाटक सरकार ने तुलु को दूसरा आधिकारिक भाषा मान्यता दी है, जिससे आगामी चुनावों में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
राज्य कैबिनेट ने तुलु को आधिकारिक भाषाओं की सूची में जोड़ने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिससे यह कन्नड़ के बाद दूसरा प्रशासनिक भाषा बन गई। यह निर्णय दक्षिण कर्नाटक के डक्शिणा कर्नाटक और उदुपी जिलों में तुलु‑भाषी समुदायों की दीर्घकालिक मांग के बाद आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम उन पार्टियों की तटीय क्षेत्रों में मतदाता आधार को मजबूत कर सकता है, जो आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में हैं। भाषा को आधिकारिक दर्जा देकर सरकार सांस्कृतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ‑साथ तटीय क्षेत्र में वोट‑बैंक को पुनः आकार देने की कोशिश कर रही है।
विपक्षी नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया, पर यह भी कहा कि भाषा मान्यता के साथ‑साथ क्षेत्र के विकास के ठोस कदम भी उठाए जाने चाहिए। प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में तुलु को शामिल करने का वादा किया है, हालांकि कार्यान्वयन की विस्तृत योजना अभी तय हो रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम उन पार्टियों की तटीय क्षेत्रों में मतदाता आधार को मजबूत कर सकता है, जो आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में हैं। भाषा को आधिकारिक दर्जा देकर सरकार सांस्कृतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ‑साथ तटीय क्षेत्र में वोट‑बैंक को पुनः आकार देने की कोशिश कर रही है।
विपक्षी नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया, पर यह भी कहा कि भाषा मान्यता के साथ‑साथ क्षेत्र के विकास के ठोस कदम भी उठाए जाने चाहिए। प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में तुलु को शामिल करने का वादा किया है, हालांकि कार्यान्वयन की विस्तृत योजना अभी तय हो रही है।