📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mayank.hc
राजनीति
त्रिपुरा डीजीपी अनुराग धनकर की मौत पर विरोध प्रदर्शन
✍️ India Today NE
🗓 24 जुल. 2026, 06:00 AM
👁 3
कांग्रेस ने त्रिपुरा डीजीपी अनुराग धनकर की मौत की जांच के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच की मांग की है. अग्रतला में इस मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया.
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनकर की अचानक मौत के बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन की लहर देखी जा रही है. कांग्रेस पार्टी ने मजबूती से अपनी मांग रखी है, जिसमें उनकी मौत के आसपास के हालात की जांच की मांग की गई है. पार्टी ने विशेष रूप से उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच की मांग की है ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके.
अगरतला में आयोजित विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय निवासियों की значительной संख्या देखी गई. प्रदर्शनकारियों को तख्तियों और बैनर लेकर न्याय और सच्चाई की मांग करते हुए देखा गया.
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच की मांग को निष्पक्ष और पक्षपातरहित जांच सुनिश्चित करने के लिए एक कदम के रूप में देखा जा रहा है. कांग्रेस पार्टी ने चिंता व्यक्त की है कि राज्य सरकार या स्थानीय अधिकारियों द्वारा की गई जांच मामले के तथ्यों का खुलासा नहीं कर पाएगी.
अनुराग धनकर की मौत के बाद पूरे राज्य में सदमे की लहर देखी जा रही है, जहां कई लोग उनकी मौत के आसपास के हालात को लेकर सवाल उठा रहे हैं. जैसे ही उनकी मौत की जांच शुरू होगी, सभी की निगाहें अधिकारियों पर होंगी कि वे कांग्रेस पार्टी और त्रिपुरा के लोगों की मांगों पर कैसे प्रतिक्रिया देंगे.
अगरतला में आयोजित विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय निवासियों की значительной संख्या देखी गई. प्रदर्शनकारियों को तख्तियों और बैनर लेकर न्याय और सच्चाई की मांग करते हुए देखा गया.
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच की मांग को निष्पक्ष और पक्षपातरहित जांच सुनिश्चित करने के लिए एक कदम के रूप में देखा जा रहा है. कांग्रेस पार्टी ने चिंता व्यक्त की है कि राज्य सरकार या स्थानीय अधिकारियों द्वारा की गई जांच मामले के तथ्यों का खुलासा नहीं कर पाएगी.
अनुराग धनकर की मौत के बाद पूरे राज्य में सदमे की लहर देखी जा रही है, जहां कई लोग उनकी मौत के आसपास के हालात को लेकर सवाल उठा रहे हैं. जैसे ही उनकी मौत की जांच शुरू होगी, सभी की निगाहें अधिकारियों पर होंगी कि वे कांग्रेस पार्टी और त्रिपुरा के लोगों की मांगों पर कैसे प्रतिक्रिया देंगे.