📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of Odisha
शिक्षा
त्रिपुरा के सीएम मनिक साहा ने 240 दूरस्थ स्कूलों में वर्चुअल कक्षाएँ शुरू कीं
✍️ TRIPURA STAR NEWS
🗓 22 अग. 2026, 06:12 AM
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त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. मनिक साहा ने राज्य के 240 दूरस्थ स्कूलों में वर्चुअल कक्षाओं की शुरुआत की, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को डिजिटल शिक्षा मिल सके।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. मनिक साहा ने राज्य के 240 सबसे दूरस्थ स्कूलों में लागू होने वाले वर्चुअल क्लासरूम कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कदम उन छात्रों के बीच डिजिटल अंतर को कम करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो अब तक सीमित इंटरनेट सुविधाओं के कारण पीछे रह गए थे।
इस योजना के तहत प्रत्येक स्कूल को वीडियो‑कॉन्फ्रेंसिंग उपकरण, टैबलेट या लैपटॉप और राज्य‑स्वामित्व वाले ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ाव प्रदान किया जाएगा। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे केंद्रीय हब से लाइव पाठ्यक्रम पढ़ा सकें, जिससे ग्रामीण छात्रों को विशेषज्ञ शिक्षकों की शिक्षा मिल सके।
राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल त्रिपुरा के शैक्षणिक सुधार और आधुनिकीकरण के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। तकनीक के उपयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शहरी स्कूलों के समान गुणवत्ता वाली शिक्षा मिले।
कार्यक्रम इस महीने से शुरू होने की योजना है, और छात्र सहभागिता तथा शैक्षणिक परिणामों को मापने के लिए नियमित मूल्यांकन किए जाएंगे। भविष्य में अधिक स्कूलों में इस मॉडल को विस्तारित करने की आशा है।
इस योजना के तहत प्रत्येक स्कूल को वीडियो‑कॉन्फ्रेंसिंग उपकरण, टैबलेट या लैपटॉप और राज्य‑स्वामित्व वाले ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ाव प्रदान किया जाएगा। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे केंद्रीय हब से लाइव पाठ्यक्रम पढ़ा सकें, जिससे ग्रामीण छात्रों को विशेषज्ञ शिक्षकों की शिक्षा मिल सके।
राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल त्रिपुरा के शैक्षणिक सुधार और आधुनिकीकरण के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। तकनीक के उपयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शहरी स्कूलों के समान गुणवत्ता वाली शिक्षा मिले।
कार्यक्रम इस महीने से शुरू होने की योजना है, और छात्र सहभागिता तथा शैक्षणिक परिणामों को मापने के लिए नियमित मूल्यांकन किए जाएंगे। भविष्य में अधिक स्कूलों में इस मॉडल को विस्तारित करने की आशा है।