📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Uajith
कृषि
असम के कालीबोर में विषैला पैरथेनियम खरपतवार, जैव विविधता व स्वास्थ्य को खतरा
✍️ India Today NE
🗓 28 अग. 2026, 01:37 PM
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असम के कालीबोर में तेज़ी से फैल रहा विषैला पैरथेनियम खरपतवार, पर्यावरणविदों और स्वास्थ्य अधिकारियों को स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र व जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता है।
असम के कालीबोर क्षेत्र में विषैला पैरथेनियम खरपतवार तेजी से फैल रहा है, जिससे खेतों और सड़क किनारों की हरियाली में इस invasive पौधे की बढ़ती उपस्थिति दर्ज की गई है। हालिया सर्वेक्षणों में इसके कवरेज में स्पष्ट वृद्धि दिखी, जो स्थानीय मूल पौधों को धकेल रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पैरथेनियम का अनियंत्रित प्रसार जैव विविधता को खतरे में डाल सकता है। यह खरपतवार मूल घासों और झाड़ियों को प्रतिस्थापित कर insects, पक्षियों और छोटे स्तनधारियों के लिए खाद्य स्रोत कम कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की है, क्योंकि पैरथेनियम के पराग में तीव्र एलर्जेन होते हैं। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों में श्वसन जला, त्वचा पर खुजली और हेज‑फ़ीवर जैसे लक्षणों की रिपोर्ट बढ़ी है।
राज्य अधिकारियों ने त्वरित कदम उठाने की अपील की है, जिसमें मैन्युअल हटाना, नियंत्रित जलाना और आवश्यकतानुसार हर्बिसाइड का उपयोग शामिल है। आगे के प्रसार को रोकने और पर्यावरण व जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता अभियानों की योजना बनाई जा रही है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पैरथेनियम का अनियंत्रित प्रसार जैव विविधता को खतरे में डाल सकता है। यह खरपतवार मूल घासों और झाड़ियों को प्रतिस्थापित कर insects, पक्षियों और छोटे स्तनधारियों के लिए खाद्य स्रोत कम कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की है, क्योंकि पैरथेनियम के पराग में तीव्र एलर्जेन होते हैं। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों में श्वसन जला, त्वचा पर खुजली और हेज‑फ़ीवर जैसे लक्षणों की रिपोर्ट बढ़ी है।
राज्य अधिकारियों ने त्वरित कदम उठाने की अपील की है, जिसमें मैन्युअल हटाना, नियंत्रित जलाना और आवश्यकतानुसार हर्बिसाइड का उपयोग शामिल है। आगे के प्रसार को रोकने और पर्यावरण व जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता अभियानों की योजना बनाई जा रही है।