📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
राजनीति
टीएमसी फेक्शन ने पश्चिम बंगाल बायपोल में 'जोड़ा फूल' प्रतीक को चुना
✍️ The New Indian Express
🗓 14 सित. 2026, 03:31 AM
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ममता बनर्जी की अगुवाई वाली ट्रिनामूल कांग्रेस फेक्शन पश्चिम बंगाल के बायपोल में 'जोड़ा फूल' प्रतीक के तहत चुनाव लड़ने की सोच रही है।
कोलकाता, 13 सितंबर (द न्यू इंडियन एक्सप्रेस) – मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में ट्रिनामूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक फेक्शन ने पश्चिम बंगाल के आगामी बायपोल में "जोड़ा फूल" प्रतीक का उपयोग करने की संभावना जताई है। यह कदम पार्टी की चुनावी रणनीति को पुनः परिभाषित करने के संदर्भ में आया है, जहाँ अभी तक खाली सीटों को भरने के लिए चुनाव निर्धारित हैं।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, "जोड़ा फूल" प्रतीक पर लौटना टीएमसी के आधार को एकजुट करने और एक स्पष्ट पहचान देने के उद्देश्य से है, खासकर जब संभावित फूट के बारे में चर्चा चल रही थी। भारतीय चुनाव आयोग के नियमों के तहत, पंजीकृत प्रतीकों के तहत चुनाव लड़ना संभव है, और "जोड़ा फूल" पहले भी टीएमसी से जुड़ा रहा है।
यदि फेक्शन इस दिशा में आगे बढ़ता है, तो इसे अपने उम्मीदवारों के लिए यह प्रतीक सुरक्षित करने हेतु आयोग को औपचारिक आवेदन करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि परिचित प्रतीक का प्रयोग मतदाता की धारणा को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि भारतीय राजनीति में प्रतीक पहचान का बड़ा महत्व है।
बायपोल अगले कुछ हफ्तों में आयोजित होने की संभावना है, परंतु अभी तक सटीक तिथि घोषित नहीं हुई है। टीएमसी ने अभी तक इस प्रतीक के उपयोग की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को निकट भविष्य के आम चुनावों से पहले पार्टी की एकजुटता का संकेत मानेंगे।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, "जोड़ा फूल" प्रतीक पर लौटना टीएमसी के आधार को एकजुट करने और एक स्पष्ट पहचान देने के उद्देश्य से है, खासकर जब संभावित फूट के बारे में चर्चा चल रही थी। भारतीय चुनाव आयोग के नियमों के तहत, पंजीकृत प्रतीकों के तहत चुनाव लड़ना संभव है, और "जोड़ा फूल" पहले भी टीएमसी से जुड़ा रहा है।
यदि फेक्शन इस दिशा में आगे बढ़ता है, तो इसे अपने उम्मीदवारों के लिए यह प्रतीक सुरक्षित करने हेतु आयोग को औपचारिक आवेदन करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि परिचित प्रतीक का प्रयोग मतदाता की धारणा को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि भारतीय राजनीति में प्रतीक पहचान का बड़ा महत्व है।
बायपोल अगले कुछ हफ्तों में आयोजित होने की संभावना है, परंतु अभी तक सटीक तिथि घोषित नहीं हुई है। टीएमसी ने अभी तक इस प्रतीक के उपयोग की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को निकट भविष्य के आम चुनावों से पहले पार्टी की एकजुटता का संकेत मानेंगे।