📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raybellrich
देश
छत्तीसगढ़ के नक्सल समूहों से बची लड़कियों के पुनर्वास के लिए तिरुपुर ने नई पहल
✍️ DT Next
🗓 19 अग. 2026, 10:34 AM
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तिरुपुर में शुरू हुई योजना छत्तीसगढ़ के नक्सल समूहों से बची लड़कियों को शिक्षा, परामर्श और कौशल प्रशिक्षण देगी।
तिरुपुर नगर निगम ने स्थानीय NGOs के सहयोग से छत्तीसगढ़ में नक्सल समूहों से बची लड़कियों के लिए एक पुनर्वास केंद्र स्थापित किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य औपचारिक शिक्षा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके इन नाबालिगों को सामान्य जीवन में पुनः प्रवेश कराना है।
केंद्र को नगरपालिका बजट और निजी दानों के मिश्रित स्रोतों से वित्त पोषण मिला है। यहाँ सुरक्षित आवासीय व्यवस्था, नियमित स्वास्थ्य जांच और मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाएगी। सिलाई, कंप्यूटर मूलभूत ज्ञान और हस्तशिल्प जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण को शहर की वस्त्र‑उद्योग के साथ जोड़ा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम नक्सल विद्रोह के मानवीय प्रभावों को कम करने की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है और बची हुई लड़कियों को स्थिर भविष्य की राह दिखाता है। प्रारंभिक समूह के लिए केंद्र तैयार है और भविष्य में अधिक मामलों के अनुसार इसकी क्षमता बढ़ाने की योजना है।
इस उद्घाटन से तिरुपुर की पहचान केवल वस्त्र उद्योग तक सीमित नहीं रहकर सामाजिक पुनर्वास के क्षेत्र में भी प्रमुख बन रही है, जो राज्य‑सीमा पार चुनौतियों को संबोधित करती है।
केंद्र को नगरपालिका बजट और निजी दानों के मिश्रित स्रोतों से वित्त पोषण मिला है। यहाँ सुरक्षित आवासीय व्यवस्था, नियमित स्वास्थ्य जांच और मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाएगी। सिलाई, कंप्यूटर मूलभूत ज्ञान और हस्तशिल्प जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण को शहर की वस्त्र‑उद्योग के साथ जोड़ा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम नक्सल विद्रोह के मानवीय प्रभावों को कम करने की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है और बची हुई लड़कियों को स्थिर भविष्य की राह दिखाता है। प्रारंभिक समूह के लिए केंद्र तैयार है और भविष्य में अधिक मामलों के अनुसार इसकी क्षमता बढ़ाने की योजना है।
इस उद्घाटन से तिरुपुर की पहचान केवल वस्त्र उद्योग तक सीमित नहीं रहकर सामाजिक पुनर्वास के क्षेत्र में भी प्रमुख बन रही है, जो राज्य‑सीमा पार चुनौतियों को संबोधित करती है।