📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
स्थानीय
टिकमगढ़ की ग्राम पंचायतों को ग्रे वॉटर प्रबंधन में आईएससी‑फिक्की स्वच्छता राष्ट्रीय पुरस्कार
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 16 सित. 2026, 10:00 PM
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मध्य प्रदेश के टिकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायतों को ग्रे वॉटर प्रबंधन में किए गए प्रयासों के लिए राष्ट्रीय आईएससी‑फिक्की स्वच्छता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
आईएससी‑फिक्की स्वच्छता पुरस्कार, जो स्वच्छता व जल प्रबंधन में उत्कृष्टता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है, ने टिकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायतों को ग्रे‑वॉटर प्रबंधन श्रेणी में विजेता घोषित किया है। यह सम्मान ग्रामीण स्तर पर लागू किए गए ऐसे उपायों को उजागर करता है, जहाँ घरों से निकलने वाले ग्रे‑वॉटर को एकत्रित, शुद्ध कर और सिंचाई व बागवानी के लिए पुनः उपयोग किया जाता है, जिससे ताज़ा पानी की मांग में कमी आई है।
विजेता पंचायतों ने सरल फ़िल्टरिंग यूनिट, स्थानीय समिति द्वारा नियमित रख‑रखाव और निवासियों को ग्रे‑वॉटर अलग करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम स्थापित किए हैं। पुरस्कार समिति के अनुसार, इन उपायों से जल खपत में स्पष्ट कमी आई है और यह मॉडल अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दोहराने योग्य माना गया है।
मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पंचायतों के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना की, यह कहा कि यह मान्यता राज्य की सतत जल नीति में महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। पुरस्कार समारोह नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जहाँ ग्राम पंचायतों को ट्रॉफी व प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जिससे आगे के विस्तार के लिए प्रेरणा मिली है।
इस उपलब्धि से टिकमगढ़ ग्रामीण जल प्रबंधन में नवाचार के कारण राष्ट्रीय मानचित्र पर उभरा है और निकटवर्ती जिलों में इस मॉडल को लागू करने के लिए अतिरिक्त समर्थन व वित्तीय सहायता मिलने की संभावना बढ़ी है।
विजेता पंचायतों ने सरल फ़िल्टरिंग यूनिट, स्थानीय समिति द्वारा नियमित रख‑रखाव और निवासियों को ग्रे‑वॉटर अलग करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम स्थापित किए हैं। पुरस्कार समिति के अनुसार, इन उपायों से जल खपत में स्पष्ट कमी आई है और यह मॉडल अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दोहराने योग्य माना गया है।
मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पंचायतों के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना की, यह कहा कि यह मान्यता राज्य की सतत जल नीति में महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। पुरस्कार समारोह नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जहाँ ग्राम पंचायतों को ट्रॉफी व प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जिससे आगे के विस्तार के लिए प्रेरणा मिली है।
इस उपलब्धि से टिकमगढ़ ग्रामीण जल प्रबंधन में नवाचार के कारण राष्ट्रीय मानचित्र पर उभरा है और निकटवर्ती जिलों में इस मॉडल को लागू करने के लिए अतिरिक्त समर्थन व वित्तीय सहायता मिलने की संभावना बढ़ी है।