Religion
दिवार:- दिवार में ऐतिहासिक श्री सप्तकोटेश्वर मंदिर को उसके मूल स्थल पर पुनर्स्थापित करने के महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ उदकशांति एवं गंगापूज
यह ऐतिहासिक कार्य कोटी तीर्थ कॉरिडोर विकास परियोजना के तहत किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन गोवा सरकार के पुरातत्व विभाग ने श्री सप्तकोटेश्वर कोटी तीर्थ जीर्णोद्धार समिति के सहयो
दिवार:- दिवार में ऐतिहासिक श्री सप्तकोटेश्वर मंदिर को उसके मूल स्थल पर पुनर्स्थापित करने के महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ उदकशांति एवं गंगापूजन समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री श्रीपाद नाईक और गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत उपस्थित रहे।
यह ऐतिहासिक कार्य कोटी तीर्थ कॉरिडोर विकास परियोजना के तहत किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन गोवा सरकार के पुरातत्व विभाग ने श्री सप्तकोटेश्वर कोटी तीर्थ जीर्णोद्धार समिति के सहयोग से किया।
समारोह में विधायक श्री प्रेमेंद्र शेट, , राज्यसभा सांसद श्री सदानंद शेट तानावडे, पूर्व विधायक श्री दामू नाईक, पुरातत्व विभाग के सचिव श्री प्रसाद लोलयेकर, आईएएस, पद्मिनी फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती सुलक्षणा सावंत, पुनर्स्थापना समिति के संयोजक प्रो. भूषण भावे, समिति के सदस्य तथा दिवर के स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।
श्री सप्तकोटेश्वर मंदिर गोवा की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंदिर को उसके मूल स्थल पर पुनर्स्थापित करने की पहल को राज्य की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह ऐतिहासिक कार्य कोटी तीर्थ कॉरिडोर विकास परियोजना के तहत किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन गोवा सरकार के पुरातत्व विभाग ने श्री सप्तकोटेश्वर कोटी तीर्थ जीर्णोद्धार समिति के सहयोग से किया।
समारोह में विधायक श्री प्रेमेंद्र शेट, , राज्यसभा सांसद श्री सदानंद शेट तानावडे, पूर्व विधायक श्री दामू नाईक, पुरातत्व विभाग के सचिव श्री प्रसाद लोलयेकर, आईएएस, पद्मिनी फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती सुलक्षणा सावंत, पुनर्स्थापना समिति के संयोजक प्रो. भूषण भावे, समिति के सदस्य तथा दिवर के स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।
श्री सप्तकोटेश्वर मंदिर गोवा की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंदिर को उसके मूल स्थल पर पुनर्स्थापित करने की पहल को राज्य की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।