स्थानीय
दुल्हिन बाजार मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी
श्रद्धालुओं ने दुग्धेश्वरनाथ शिवलिंग पर किया जलाभिषेक
सावन की तीसरे सोमवारी पर पटना जिले के दुल्हिन बाजार स्थित प्रसिद्ध बाबा दूधेश्वरनाथ शिव मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भोर से ही श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। पवित्र शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
सावन के पावन अवसर पर बाबा दूधेश्वरनाथ शिव मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मुख्य द्वार से लेकर मंदिर परिसर तक फूल-मालाओं और आधुनिक रंग-बिरंगी रोशनी से विशेष सजावट की गई है। वहीं, दुल्हिन बाजार चौराहे से मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर बनाए गए प्रवेश द्वार को भी भव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिर की साज-सज्जा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
मंदिर समिति के सचिव श्री हरिकांत उपाध्याय ने बताया कि
26 अगस्त को दुल्हिन बाजार के सैकड़ों कांवरीया बम पटना के कलेक्ट्रेट घाट पहुंचेगे और 27 को पटना से गंगा जल भरकर पद यात्रा करते हुए नौबतपुर में रात्रि विश्राम करेंगें। 28 अगस्त को दुल्हिन बाजार प्रखंड के ऐनखां गांव स्थित बाबा परमेश्वर नाथ मंदिर में पहला जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद अंतिम जल बाबा दुग्धेश्वर नाथ शिव मंदिर में अर्पित होगा।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार उक्त निर्धारित तिथि को अपेक्षाकृत अधिक श्रद्धालु पहुंचने कि संभावना हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए समिति की ओर से पहले से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी भक्त को परेशानी न हो।
बाबा दूधेश्वरनाथ शिव मंदिर जीर्णोद्धार कमेटी सह बाल मंडली के सौजन्य से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर सहित बाजार के भीड़-भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए खुफिया कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
मंदिर के पुजारी रंजीत मिश्रा और शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि बाबा दूधेश्वरनाथ की महिमा अपरंपार है। प्रतिदिन श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से बाबा से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। मनोकामना पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु मंदिर परिसर में मन्नत सिद्धि की घंटियां बांधते हैं और मंदिर निर्माण एवं विकास कार्यों में आर्थिक सहयोग भी करते हैं। मंदिर के शिलापट्ट पर ऐसे अनगिनत श्रद्धालुओं के नाम दर्ज हैं, जिनकी आस्था बाबा से जुड़ी हुई है।
सावन के तीसरे सोमवारी पर बाबा दूधेश्वरनाथ के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं ने एक बार फिर क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था और शिवभक्ति को जीवंत कर दिया।
सावन के पावन अवसर पर बाबा दूधेश्वरनाथ शिव मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मुख्य द्वार से लेकर मंदिर परिसर तक फूल-मालाओं और आधुनिक रंग-बिरंगी रोशनी से विशेष सजावट की गई है। वहीं, दुल्हिन बाजार चौराहे से मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर बनाए गए प्रवेश द्वार को भी भव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिर की साज-सज्जा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
मंदिर समिति के सचिव श्री हरिकांत उपाध्याय ने बताया कि
26 अगस्त को दुल्हिन बाजार के सैकड़ों कांवरीया बम पटना के कलेक्ट्रेट घाट पहुंचेगे और 27 को पटना से गंगा जल भरकर पद यात्रा करते हुए नौबतपुर में रात्रि विश्राम करेंगें। 28 अगस्त को दुल्हिन बाजार प्रखंड के ऐनखां गांव स्थित बाबा परमेश्वर नाथ मंदिर में पहला जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद अंतिम जल बाबा दुग्धेश्वर नाथ शिव मंदिर में अर्पित होगा।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार उक्त निर्धारित तिथि को अपेक्षाकृत अधिक श्रद्धालु पहुंचने कि संभावना हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए समिति की ओर से पहले से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी भक्त को परेशानी न हो।
बाबा दूधेश्वरनाथ शिव मंदिर जीर्णोद्धार कमेटी सह बाल मंडली के सौजन्य से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर सहित बाजार के भीड़-भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए खुफिया कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
मंदिर के पुजारी रंजीत मिश्रा और शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि बाबा दूधेश्वरनाथ की महिमा अपरंपार है। प्रतिदिन श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से बाबा से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। मनोकामना पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु मंदिर परिसर में मन्नत सिद्धि की घंटियां बांधते हैं और मंदिर निर्माण एवं विकास कार्यों में आर्थिक सहयोग भी करते हैं। मंदिर के शिलापट्ट पर ऐसे अनगिनत श्रद्धालुओं के नाम दर्ज हैं, जिनकी आस्था बाबा से जुड़ी हुई है।
सावन के तीसरे सोमवारी पर बाबा दूधेश्वरनाथ के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं ने एक बार फिर क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था और शिवभक्ति को जीवंत कर दिया।