📷 चित्र स्रोत: Latestly (via NewsData)
टेक्नोलॉजी
टेलीग्राम सीईओ ने रिलायंस पर BGP हाईजैकिंग का आरोप लगाया, इंटरनेट सुरक्षा पर बहस छिड़ी
✍️ Latestly
🗓 17 जून 2026, 08:32 PM
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टेलीग्राम के संस्थापक पावेल Durov ने रिलायंस पर BGP हाईजैकिंग की कमजोरी का फायदा उठाने का आरोप लगाया है, जिससे कथित तौर पर मैसेजिंग सेवा तक वैश्विक पहुंच बाधित हुई। इस घटना ने इंटरनेट रूटिंग सुरक्षा और संभावित कॉर्पोरेट हस्तक्षेप के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं।
टेलीग्राम के संस्थापक पावेल Durov ने रिलायंस पर BGP हाईजैकिंग तकनीकों का कथित तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। यह आरोप है कि इस नेटवर्क रूटिंग एक्सप्लॉइट के कारण लोकप्रिय मैसेजिंग एप्लिकेशन तक वैश्विक पहुंच में बाधा उत्पन्न हुई। आरोप के अनुसार, यह समस्या भारत से परे संयुक्त अरब अमीरात जैसे अन्य क्षेत्रों में भी उपयोगकर्ताओं को प्रभावित कर रही थी।
BGP, या बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल, इंटरनेट ट्रैफिक को रूट करने के लिए एक मूलभूत प्रणाली है। इस प्रोटोकॉल का हाईजैकिंग दुर्भावनापूर्ण तत्वों को इंटरनेट ट्रैफिक को पुनर्निर्देशित करने की अनुमति दे सकता है, जो संभवतः निगरानी या व्यवधान के लिए हो सकता है। Durov के आरोप वैश्विक इंटरनेट अवसंरचना के भीतर एक महत्वपूर्ण भेद्यता की ओर इशारा करते हैं।
इस घटना ने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और उद्योग पर्यवेक्षकों के बीच इस कृत्य की जानबूझकर की गई मंशा के संबंध में एक बहस छेड़ दी है। जहां Durov एक जानबूझकर किए गए एक्सप्लॉइट का सुझाव देते हैं, वहीं कुछ विशेषज्ञ यह मानते हैं कि यह व्यवधान नेटवर्क की रूटिंग प्रणाली में एक साधारण गलत कॉन्फ़िगरेशन से उत्पन्न हो सकता था।
यह विवाद इंटरनेट रूटिंग प्रोटोकॉल की सुरक्षा और प्रमुख प्रौद्योगिकी और दूरसंचार कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धी परिदृश्य के बारे में चल रही चिंताओं को रेखांकित करता है। यह नेटवर्क की कमजोरियों के शोषण की संभावना को उजागर करता है, जिससे कॉर्पोरेट जिम्मेदारी और वैश्विक डिजिटल अवसंरचना की मजबूती पर सवाल उठते हैं।
BGP, या बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल, इंटरनेट ट्रैफिक को रूट करने के लिए एक मूलभूत प्रणाली है। इस प्रोटोकॉल का हाईजैकिंग दुर्भावनापूर्ण तत्वों को इंटरनेट ट्रैफिक को पुनर्निर्देशित करने की अनुमति दे सकता है, जो संभवतः निगरानी या व्यवधान के लिए हो सकता है। Durov के आरोप वैश्विक इंटरनेट अवसंरचना के भीतर एक महत्वपूर्ण भेद्यता की ओर इशारा करते हैं।
इस घटना ने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और उद्योग पर्यवेक्षकों के बीच इस कृत्य की जानबूझकर की गई मंशा के संबंध में एक बहस छेड़ दी है। जहां Durov एक जानबूझकर किए गए एक्सप्लॉइट का सुझाव देते हैं, वहीं कुछ विशेषज्ञ यह मानते हैं कि यह व्यवधान नेटवर्क की रूटिंग प्रणाली में एक साधारण गलत कॉन्फ़िगरेशन से उत्पन्न हो सकता था।
यह विवाद इंटरनेट रूटिंग प्रोटोकॉल की सुरक्षा और प्रमुख प्रौद्योगिकी और दूरसंचार कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धी परिदृश्य के बारे में चल रही चिंताओं को रेखांकित करता है। यह नेटवर्क की कमजोरियों के शोषण की संभावना को उजागर करता है, जिससे कॉर्पोरेट जिम्मेदारी और वैश्विक डिजिटल अवसंरचना की मजबूती पर सवाल उठते हैं।