📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VIIRS imagery from NOAA's NOAA-21 satellite
मौसम
साइकलोन अर्नब‑पीड़ित जिलों में टेलीकॉम सेवाओं की बहाली
✍️ Munsif News 24x7
🗓 31 अक्टू. 2026, 01:20 PM
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साइकलोन अर्नब से प्रभावित जिलों में मोबाइल और ब्रॉडबैंड नेटवर्क की मरम्मत टीमें काम कर रही हैं, जैसा कि मुन्सिफ़ न्यूज़ 24x7 ने बताया।
साइकलोन अर्नब ने इस सप्ताह की शुरुआत में कई भारतीय जिलों को प्रभावित किया, जिससे टेलीकॉम टावर और भूमिगत केबलें क्षतिग्रस्त हो गईं। इस कारण लाखों लोगों को मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवाओं से वंचित होना पड़ा, जिससे आपातकालीन संचार और दैनिक जीवन दोनों बाधित हुए।
इस स्थिति को देखते हुए प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने राज्य आपदा राहत एजेंसियों के सहयोग से मरम्मत दल, मोबाइल वैन और अतिरिक्त उपकरण प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किए हैं। प्राथमिकता अस्पतालों, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों की आवाज़ और डेटा सेवाओं की पुनःस्थापना पर दी गई है, साथ ही सामान्य जनता के लिए नेटवर्क क्षमता बहाल करने पर भी काम चल रहा है।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 60‑70% सेल साइटों को फिर से चालू किया जा चुका है और प्रमुख शहरों में ब्रॉडबैंड सेवाएँ धीरे‑धीरे वापस आ रही हैं। जलजमाव और बिजली की कमी जैसी समस्याएँ पूरी तरह से बहाली में देरी कर रही हैं, जिससे पूर्ण पुनर्स्थापना अगले सप्ताह तक लग सकती है।
अधिकारियों ने निवासियों से बैटरी बचाने, आपातकालीन कॉल के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन का उपयोग करने और शेष आउटेज की सूचना अपने सेवा प्रदाताओं को देने की अपील की है, ताकि मरम्मत कार्य तेज़ी से आगे बढ़ सके।
इस स्थिति को देखते हुए प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने राज्य आपदा राहत एजेंसियों के सहयोग से मरम्मत दल, मोबाइल वैन और अतिरिक्त उपकरण प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किए हैं। प्राथमिकता अस्पतालों, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों की आवाज़ और डेटा सेवाओं की पुनःस्थापना पर दी गई है, साथ ही सामान्य जनता के लिए नेटवर्क क्षमता बहाल करने पर भी काम चल रहा है।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 60‑70% सेल साइटों को फिर से चालू किया जा चुका है और प्रमुख शहरों में ब्रॉडबैंड सेवाएँ धीरे‑धीरे वापस आ रही हैं। जलजमाव और बिजली की कमी जैसी समस्याएँ पूरी तरह से बहाली में देरी कर रही हैं, जिससे पूर्ण पुनर्स्थापना अगले सप्ताह तक लग सकती है।
अधिकारियों ने निवासियों से बैटरी बचाने, आपातकालीन कॉल के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन का उपयोग करने और शेष आउटेज की सूचना अपने सेवा प्रदाताओं को देने की अपील की है, ताकि मरम्मत कार्य तेज़ी से आगे बढ़ सके।