📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Chanduclicks
देश
तेलंगाना हाई कोर्ट ने पत्नी के वकील पंजीकरण को आय का प्रमाण नहीं माना
✍️ livemint.com
🗓 24 अग. 2026, 03:03 PM
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तेलंगाना हाई कोर्ट ने कहा कि पत्नी का वकील पंजीकरण आय का प्रमाण नहीं बन सकता और रखरखाव के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता।
हैदराबाद, तेलंगाना – एक महत्वपूर्ण फैसले में तेलंगाना हाई कोर्ट ने कहा कि पत्नी का वकील पंजीकरण उसके आय के स्तर को सिद्ध नहीं करता, जिससे रखरखाव के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। इस याचिका में पति ने तर्क दिया था कि पत्नी का बार काउंसिल में हालिया पंजीकरण वित्तीय स्वतंत्रता दर्शाता है, इसलिए रखरखाव की राशि घटाई या रद्द की जानी चाहिए।
कोर्ट ने बताया कि पंजीकरण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया है और इससे वास्तविक आय या स्थिर कमाई का अनुमान नहीं लगाया जा सकता, विशेषकर जब वकील अभी अपने अभ्यास की शुरुआत कर रहा हो। रखरखाव के निर्णय के लिए वास्तविक आय के प्रमाण आवश्यक हैं, न कि पेशे के नाम पर अनुमान।
इसलिए, अदालत ने निचली अदालत को वित्तीय विवरणों की पुष्टि के आधार पर रखरखाव के दावे की पुनः समीक्षा करने का निर्देश दिया, जिससे पत्नी की जीवनयापन की जरूरतों को उचित रूप से पूरा किया जा सके। यह निर्णय दर्शाता है कि केवल पेशेवर दर्जा ही वैवाहिक समर्थन से बचने का आधार नहीं बन सकता।
कोर्ट ने बताया कि पंजीकरण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया है और इससे वास्तविक आय या स्थिर कमाई का अनुमान नहीं लगाया जा सकता, विशेषकर जब वकील अभी अपने अभ्यास की शुरुआत कर रहा हो। रखरखाव के निर्णय के लिए वास्तविक आय के प्रमाण आवश्यक हैं, न कि पेशे के नाम पर अनुमान।
इसलिए, अदालत ने निचली अदालत को वित्तीय विवरणों की पुष्टि के आधार पर रखरखाव के दावे की पुनः समीक्षा करने का निर्देश दिया, जिससे पत्नी की जीवनयापन की जरूरतों को उचित रूप से पूरा किया जा सके। यह निर्णय दर्शाता है कि केवल पेशेवर दर्जा ही वैवाहिक समर्थन से बचने का आधार नहीं बन सकता।