🔥 ट्रेंडिंग बॉम्बे हाई कोर्ट ने सैमंथा रुथ प्रभु क... त्रिपुरा सीएम ने जीबी अस्पताल में डॉक्... बेतागा, त्रिपुरा में बस‑मोटरसाइकिल टक्... कॉलेज ऑफ फिशरिज ने 28वां स्थापना दिवस... ट्रिब्यून इंडिया ने 'लॉन्ग वीकेंड ट्रै... मुख्यमंत्री ने राचौली स्कूल भवन के लिए...
04 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
तेलंगाना ने प्राकृतिक खेती में खोया हुआ रिवाज फिर पाने की कोशिश
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / P.M. Lydon / Final Straw
कृषि

तेलंगाना ने प्राकृतिक खेती में खोया हुआ रिवाज फिर पाने की कोशिश

✍️ The New Indian Express 🗓 04 अक्टू. 2026, 02:02 AM 👁 16
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

तेलंगाना सरकार ने प्राकृतिक खेती को पुनर्जीवित करने के लिए कदम उठाए हैं।

तेलंगाना ने हाल ही में प्राकृतिक खेती के अपनाने में गिरावट को महसूस किया और अब इस प्रवृत्ति को उलटने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। न्यूनतम बाहरी इनपुट और पारिस्थितिक संतुलन पर आधारित यह पद्धति, पारंपरिक खेती का सतत विकल्प माना जाता है।

राज्य के अधिकारियों ने किसानों को फिर से इस पद्धति अपनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें तकनीकी कार्यशालाएँ, स्वदेशी बीजों का वितरण और प्राकृतिक खेती मानकों को पूरा करने वाले खेतों को वित्तीय प्रोत्साहन शामिल हैं।

प्रशासन का मानना है कि प्राकृतिक खेती को पुनर्जीवित करने से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी, किसानों के खर्च में कमी आएगी और राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों को समर्थन मिलेगा। इस पहल की सफलता को निकट भविष्य में किसानों की प्रतिक्रिया और ठोस परिणामों के आधार पर आंका जाएगा।
📲Get App