📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikimedia Commons
शिक्षा
भोपाल में शिक्षक भर्ती आंदोलन 31वें दिन, राहुल गांधी की संभावित उपस्थिति का दावा
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 20 सित. 2026, 04:31 PM
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भोपाल में शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों का आंदोलन 31वें दिन तक जारी है, वे अतिरिक्त पदों और नई काउंसलिंग की माँग कर रहे हैं। आयोजक नरेंद्र राजपूत ने कहा कि राहुल गांधी जल्द ही प्रदर्शन स्थल पर आ सकते हैं।
भोपाल, मध्य प्रदेश – राज्य के शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयन की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों ने अपने प्रदर्शन को लगातार तीसरे महीने तक जारी रखा, जिससे यह आंदोलन का 31वां दिन बन गया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन कार्यालय के पास अस्थायी शिविर स्थापित कर शांति‑पूर्वक लेकिन दृढ़ता से अपनी मांगें रखी हैं।
प्रदर्शकों का मुख्य दावा अतिरिक्त शिक्षक पदों की सृजन और नई काउंसलिंग की व्यवस्था है, क्योंकि वे मानते हैं कि मौजूदा पदों की संख्या योग्य आवेदकों की संख्या को पूरा नहीं करती।
एक हालिया सभा में आंदोलन के प्रमुख नरेंद्र राजपूत ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही इस स्थल पर आ सकते हैं। राजपूत ने इसे उम्मीदवारों के मुद्दे के लिए राजनीतिक समर्थन के रूप में प्रस्तुत किया, हालांकि इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
राज्य अधिकारियों ने अभी तक इस संभावित यात्रा पर टिप्पणी नहीं की है, और उन्होंने कहा कि वे अतिरिक्त पदों की मांग की समीक्षा कर रहे हैं तथा पुनः काउंसलिंग के संबंध में जल्द ही कोई निर्णय जारी करेंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
यह लंबी अवधि का प्रदर्शन शिक्षा क्षेत्र में नौकरी चाहने वालों की बढ़ती निराशा को उजागर करता है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सार्वजनिक स्कूलों में रोजगार के अवसरों पर व्यापक प्रश्न उठते हैं।
प्रदर्शकों का मुख्य दावा अतिरिक्त शिक्षक पदों की सृजन और नई काउंसलिंग की व्यवस्था है, क्योंकि वे मानते हैं कि मौजूदा पदों की संख्या योग्य आवेदकों की संख्या को पूरा नहीं करती।
एक हालिया सभा में आंदोलन के प्रमुख नरेंद्र राजपूत ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही इस स्थल पर आ सकते हैं। राजपूत ने इसे उम्मीदवारों के मुद्दे के लिए राजनीतिक समर्थन के रूप में प्रस्तुत किया, हालांकि इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
राज्य अधिकारियों ने अभी तक इस संभावित यात्रा पर टिप्पणी नहीं की है, और उन्होंने कहा कि वे अतिरिक्त पदों की मांग की समीक्षा कर रहे हैं तथा पुनः काउंसलिंग के संबंध में जल्द ही कोई निर्णय जारी करेंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
यह लंबी अवधि का प्रदर्शन शिक्षा क्षेत्र में नौकरी चाहने वालों की बढ़ती निराशा को उजागर करता है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सार्वजनिक स्कूलों में रोजगार के अवसरों पर व्यापक प्रश्न उठते हैं।