📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indrajitdas
शिक्षा
मध्यप्रदेश में शिक्षक अभ्यर्थियों का 30‑दिन धरना, क्लास‑2 और 3 पदों की मांग
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 19 सित. 2026, 04:01 PM
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शिक्षक अभ्यर्थियों ने मध्यप्रदेश के डीपीआई के सामने 30 दिन से धरना जारी रखा है, क्लास‑2 और क्लास‑3 के पदों में वृद्धि की मांग करते हुए। अधिकारियों ने अभी तक कोई निर्णय नहीं दिया है।
शिक्षक अभ्यर्थियों ने 30वें दिन के धरने पर डीपीआई के सामने अपनी मांगें जारी रखी हैं, क्लास‑2 और क्लास‑3 के पदों में वृद्धि की मांग करते हुए। मार्च के प्रारंभ में शुरू हुआ यह आंदोलन बारिश और रात के बावजूद जारी है, और अभ्यर्थी अपनी मांग पूरी न होने तक धरना नहीं तोड़ेंगे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान पद आवंटन राज्य के स्कूलों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में। उन्होंने अतिरिक्त पदों के लिए विशिष्ट आंकड़े प्रस्तुत किए हैं, जो छात्र नामांकन और शिक्षकों की कमी पर आधारित हैं।
हालाँकि धरना लंबा चल रहा है, डीपीआई ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। अधिकारियों ने कहा है कि वे मांग की समीक्षा कर रहे हैं, परंतु जवाब देने का समय स्पष्ट नहीं किया गया है। यह धरना स्थानीय मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है और शिक्षकों व नीति निर्माताओं के बीच शिक्षण भर्ती की पर्याप्तता पर चर्चा को प्रोत्साहित कर रहा है।
इस धरने को कुछ शिक्षकों और अभिभावकों का समर्थन मिल रहा है, जो कक्षा भीड़भाड़ की समस्या से सहमत हैं। चौथे सप्ताह में प्रवेश करते हुए, अभ्यर्थी आशा करते हैं कि उनकी लगातार मांगें एक त्वरित समाधान को प्रेरित करेंगी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान पद आवंटन राज्य के स्कूलों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में। उन्होंने अतिरिक्त पदों के लिए विशिष्ट आंकड़े प्रस्तुत किए हैं, जो छात्र नामांकन और शिक्षकों की कमी पर आधारित हैं।
हालाँकि धरना लंबा चल रहा है, डीपीआई ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। अधिकारियों ने कहा है कि वे मांग की समीक्षा कर रहे हैं, परंतु जवाब देने का समय स्पष्ट नहीं किया गया है। यह धरना स्थानीय मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है और शिक्षकों व नीति निर्माताओं के बीच शिक्षण भर्ती की पर्याप्तता पर चर्चा को प्रोत्साहित कर रहा है।
इस धरने को कुछ शिक्षकों और अभिभावकों का समर्थन मिल रहा है, जो कक्षा भीड़भाड़ की समस्या से सहमत हैं। चौथे सप्ताह में प्रवेश करते हुए, अभ्यर्थी आशा करते हैं कि उनकी लगातार मांगें एक त्वरित समाधान को प्रेरित करेंगी।