📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dr. Chinchu C.
विज्ञान
तवांग, अरुणाचल प्रदेश में हिमालयी पीटलैंड कार्यशाला का आयोजन
✍️ News On AIR
🗓 10 अक्टू. 2026, 01:16 AM
👁 27
तवांग, अरुणाचल प्रदेश में विशेषज्ञों ने प्राकृतिक कार्बन भंडार की सुरक्षा और जलवायु‑सहायक उपायों को बढ़ावा देने के लिए हिमालयी पीटलैंड कार्यशाला में भाग लिया।
हिमालयी पीटलैंड पर एक बहु‑दिवसीय कार्यशाला तवांग, अरुणाचल प्रदेश में आयोजित की गई, जिसमें वैज्ञानिक, वन अधिकारी और संरक्षण विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रतिभागियों ने ऊँचाई वाले पीटलैंड को महत्वपूर्ण कार्बन सिंक के रूप में समझा और जल निकासी, अधिक चराई तथा जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में नवीनतम शोध परिणामों का आदान‑प्रदान, पूर्वी हिमालय में पीटलैंड के क्षेत्र का मानचित्रण और उनकी सुरक्षा के लिए व्यावहारिक उपाय तैयार किए गए। प्रतिनिधियों ने स्थानीय समुदाय की भागीदारी और क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इन नाजुक पारिस्थितिक तंत्रों की दीर्घकालिक देखभाल सुनिश्चित हो सके।
आयोजकों ने कहा कि पीटलैंड की सुरक्षा भारत के व्यापक जलवायु लक्ष्य के साथ मेल खाती है और क्षेत्रीय जैव विविधता संरक्षण में योगदान दे सकती है। कार्यशाला के अंत में तैयार सिफ़ारिशें राज्य और केंद्र सरकार को नीति‑एकीकरण के लिए प्रस्तुत की जाएँगी।
कार्यक्रम में नवीनतम शोध परिणामों का आदान‑प्रदान, पूर्वी हिमालय में पीटलैंड के क्षेत्र का मानचित्रण और उनकी सुरक्षा के लिए व्यावहारिक उपाय तैयार किए गए। प्रतिनिधियों ने स्थानीय समुदाय की भागीदारी और क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इन नाजुक पारिस्थितिक तंत्रों की दीर्घकालिक देखभाल सुनिश्चित हो सके।
आयोजकों ने कहा कि पीटलैंड की सुरक्षा भारत के व्यापक जलवायु लक्ष्य के साथ मेल खाती है और क्षेत्रीय जैव विविधता संरक्षण में योगदान दे सकती है। कार्यशाला के अंत में तैयार सिफ़ारिशें राज्य और केंद्र सरकार को नीति‑एकीकरण के लिए प्रस्तुत की जाएँगी।