ट्रांसफॉर्मर हटाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, महिलाओं से अभद्रता का आरोप|
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सीकर के वार्ड नंबर 58 स्थित भादवासी गांव का मामला, ग्रामीणों ने प्रशासन से ट्रांसफॉर्मर नहीं हटाने की मांग की
सीकर। शहर के वार्ड नंबर 58 स्थित भादवासी गांव में ट्रांसफॉर्मर हटाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त ट्रांसफॉर्मर से कई घरेलू कनेक्शन जुड़े हुए हैं और ट्रांसफॉर्मर से किसी भी प्रकार का आवागमन बाधित नहीं हो रहा है। इसके बावजूद कॉलोनी में विकास कार्य के नाम पर ट्रांसफॉर्मर को जबरन हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर के सामने बैरी निवासी महेंद्र मील कॉलोनी में विकास कार्य करवा रहे हैं। अभी तक उक्त जमीन खातेदारो के नाम बताई जा रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि महेंद्र मील द्वारा ट्रांसफॉर्मर हटाने के लिए दो-तीन बार मशीनें भी मौके पर लाई गईं, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उनकी सहमति के बिना ट्रांसफॉर्मर नहीं हटाया जाए।
ग्रामीणों ने बताया की कल दोपहर जब ट्रांसफॉर्मर को जबरन हटाने का प्रयास किया गया तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। इस दौरान महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप भी ग्रामीणों ने लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें अपमानजनक शब्द कहे गए।
शराब के नशे में ट्रक चलाने का भी आरोप
ग्रामीणों ने इसी मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि एक ट्रक चालक मिट्टी लेकर कथित रूप से शराब के नशे में तेज गति से ट्रक चला रहा था। इस दौरान एक 16 वर्षीय बच्ची दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बची। ग्रामीणों द्वारा ट्रक चालक को सावधानी से वाहन चलाने के लिए कहा गया तो चालक ने कथित रूप से कहा कि वह इसी तरह ट्रक चलाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच करवाई जाए और जब तक सभी प्रभावित परिवारों की सहमति नहीं हो, तब तक ट्रांसफॉर्मर को मौके से नहीं हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर से घरेलू बिजली कनेक्शन जुड़े हुए हैं और इसे हटाने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर के सामने बैरी निवासी महेंद्र मील कॉलोनी में विकास कार्य करवा रहे हैं। अभी तक उक्त जमीन खातेदारो के नाम बताई जा रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि महेंद्र मील द्वारा ट्रांसफॉर्मर हटाने के लिए दो-तीन बार मशीनें भी मौके पर लाई गईं, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उनकी सहमति के बिना ट्रांसफॉर्मर नहीं हटाया जाए।
ग्रामीणों ने बताया की कल दोपहर जब ट्रांसफॉर्मर को जबरन हटाने का प्रयास किया गया तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। इस दौरान महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप भी ग्रामीणों ने लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें अपमानजनक शब्द कहे गए।
शराब के नशे में ट्रक चलाने का भी आरोप
ग्रामीणों ने इसी मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि एक ट्रक चालक मिट्टी लेकर कथित रूप से शराब के नशे में तेज गति से ट्रक चला रहा था। इस दौरान एक 16 वर्षीय बच्ची दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बची। ग्रामीणों द्वारा ट्रक चालक को सावधानी से वाहन चलाने के लिए कहा गया तो चालक ने कथित रूप से कहा कि वह इसी तरह ट्रक चलाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच करवाई जाए और जब तक सभी प्रभावित परिवारों की सहमति नहीं हो, तब तक ट्रांसफॉर्मर को मौके से नहीं हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर से घरेलू बिजली कनेक्शन जुड़े हुए हैं और इसे हटाने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।