📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tuticorin_Thermal_Power_Station_at_Night_1.jpg: Ra
बिज़नेस
तमिलनाडु ने टुटीकोरिन में 1,600 MW थर्मल पावर प्लांट PPP मॉडल से बनाने का निर्णय
✍️ News On AIR
🗓 31 अग. 2026, 02:37 PM
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राज्य सरकार ने टुटीकोरिन में 1,600 MW की थर्मल पावर प्लांट बनाने के लिए सार्वजनिक‑निजी भागीदारी (PPP) मॉडल अपनाने की घोषणा की, जिससे बिजली की आपूर्ति में वृद्धि होगी।
तमिलनाडु सरकार ने टुटीकोरिन में 1,600 MW क्षमता वाला थर्मल पावर प्लांट सार्वजनिक‑निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत स्थापित करने की स्वीकृति दी है। यह कदम राज्य की लगातार बनी रही बिजली की कमी को दूर करने और बढ़ती औद्योगिक मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।
प्लांट के चालू होने पर यह 1.6 GW अतिरिक्त शक्ति ग्रिड में जोड़ देगा, जिससे पीक लोड के समय आपूर्ति अधिक स्थिर होगी। अतिरिक्त बिजली से घरेलू उपयोग और राज्य के विस्तारित विनिर्माण क्षेत्र दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
PPP मॉडल के तहत निजी कंपनी वित्तपोषण, निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी लेगी, जबकि सरकार जमीन और नियामक मंजूरी प्रदान करेगी। जोखिम साझा करने और परियोजना की गति तेज़ करने के लिए यह साझेदारी की गई है, हालांकि निजी भागीदार का विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यह घोषणा हाल ही में ऊर्जा मिश्रण को विविध बनाने के कई प्रयासों के बाद आई है, जहाँ तमिलनाडु का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों और आयातित कोयले पर निर्भर है। थर्मल उत्पादन को बढ़ाकर राज्य अधिक संतुलित और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है।
राज्य के अधिकारियों ने कहा है कि परियोजना पर्यावरणीय मानकों का पालन करेगी और आधुनिक उत्सर्जन नियंत्रण तकनीकों को अपनाएगी, जिससे ऊर्जा सुरक्षा के साथ सतत विकास की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित होगी।
प्लांट के चालू होने पर यह 1.6 GW अतिरिक्त शक्ति ग्रिड में जोड़ देगा, जिससे पीक लोड के समय आपूर्ति अधिक स्थिर होगी। अतिरिक्त बिजली से घरेलू उपयोग और राज्य के विस्तारित विनिर्माण क्षेत्र दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
PPP मॉडल के तहत निजी कंपनी वित्तपोषण, निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी लेगी, जबकि सरकार जमीन और नियामक मंजूरी प्रदान करेगी। जोखिम साझा करने और परियोजना की गति तेज़ करने के लिए यह साझेदारी की गई है, हालांकि निजी भागीदार का विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यह घोषणा हाल ही में ऊर्जा मिश्रण को विविध बनाने के कई प्रयासों के बाद आई है, जहाँ तमिलनाडु का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों और आयातित कोयले पर निर्भर है। थर्मल उत्पादन को बढ़ाकर राज्य अधिक संतुलित और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है।
राज्य के अधिकारियों ने कहा है कि परियोजना पर्यावरणीय मानकों का पालन करेगी और आधुनिक उत्सर्जन नियंत्रण तकनीकों को अपनाएगी, जिससे ऊर्जा सुरक्षा के साथ सतत विकास की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित होगी।