📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Singh PreetManak
शिक्षा
तमिलनाडु विधानसभा ने 2010 पूर्व नियुक्त शिक्षकों को स्थायी परीक्षा छूट देने का प्रस्ताव रखा
✍️ India Today
🗓 25 अग. 2026, 01:48 PM
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तमिलनाडु विधानसभा ने 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को स्थायी परीक्षा छूट देने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम वरिष्ठ शिक्षकों के अनुभव को मान्यता देते हुए प्रशासनिक भार कम करने के उद्देश्य से है।
तमिलनाडु विधानसभा ने आज एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसके तहत 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से स्थायी छूट दी जाएगी। यह प्रस्ताव शासक दल के एक वरिष्ठ सदस्य द्वारा पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ शिक्षकों के लंबे अनुभव को मान्यता देना है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत, 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को अपनी पदस्थापना बनाए रखने के लिए समय-समय पर परीक्षाएँ देनी पड़ती हैं। नई छूट के तहत उन्हें यह आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, जिससे वे कक्षा कार्य और व्यावसायिक विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
समर्थक तर्क देते हैं कि इस कदम से प्रशासनिक लागत घटेगी और अनुभवी शिक्षकों को बनाए रखने में मदद मिलेगी। दूसरी ओर, विरोधी यह चिंता जताते हैं कि इससे मानकों को बनाए रखना कठिन हो सकता है और सभी शिक्षकों को वर्तमान दक्षता मानदंडों पर खरा उतरना आवश्यक है।
प्रस्ताव को बहुमत से पारित किया गया, और सरकार ने बताया है कि यह छूट आगामी शैक्षणिक वर्ष से लागू की जाएगी।
वर्तमान व्यवस्था के तहत, 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को अपनी पदस्थापना बनाए रखने के लिए समय-समय पर परीक्षाएँ देनी पड़ती हैं। नई छूट के तहत उन्हें यह आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, जिससे वे कक्षा कार्य और व्यावसायिक विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
समर्थक तर्क देते हैं कि इस कदम से प्रशासनिक लागत घटेगी और अनुभवी शिक्षकों को बनाए रखने में मदद मिलेगी। दूसरी ओर, विरोधी यह चिंता जताते हैं कि इससे मानकों को बनाए रखना कठिन हो सकता है और सभी शिक्षकों को वर्तमान दक्षता मानदंडों पर खरा उतरना आवश्यक है।
प्रस्ताव को बहुमत से पारित किया गया, और सरकार ने बताया है कि यह छूट आगामी शैक्षणिक वर्ष से लागू की जाएगी।