📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
राजनीति
तमिलनाडु विधानसभा में सीएम विजय ने डीएमके को सारकारिया आयोग और वीरनम स्कैंडल पर लाया निशाना
✍️ The Hindu
🗓 07 सित. 2026, 02:34 PM
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तमिलनाडु विधानसभा में तीखी टकराव हुआ जब मुख्यमंत्री विजय ने ruling DMK पर सारकारिया आयोग के निष्कर्षों के दुरुपयोग और वीरनम जल परियोजना स्कैंडल से जुड़ाव का आरोप लगाया।
तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को एक उग्र सत्र देखा गया, जब मुख्यमंत्री विजय ने द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सारकारिया आयोग के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि DMK ने संघ‑राज्य संबंधों के मामलों में आयोग की सिफ़ारिशों को नजरअंदाज़ किया है।
विजय ने ruling पार्टी को वीरनम जल‑परियोजना स्कैंडल से भी जोड़ा, यह आरोप लगाते हुए कि इस योजना में अनियमितताएँ और वित्तीय दुरुपयोग हुआ है। विपक्षी सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, और आयोग को पार्टियों के हित में politicise करने का आरोप लगाया।
बहस तेज़ी से बढ़ी, कई सदस्य चिल्लाते रहे और व्यवस्था बनाए रखने की मांग की। अध्यक्ष को व्यवस्था बहाल करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा, पर माहौल तनावपूर्ण बना रहा, दोनों पक्ष कथा पर हावी होने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना राज्य में बढ़ती राजनीतिक टकराव को उजागर करती है, जहाँ DMK सरकार को जल संसाधनों और संघ‑राज्य संबंधों के प्रबंधन पर कड़ी जांच का सामना करना पड़ रहा है।
अभी कोई ठोस समाधान नहीं निकला, और विधानसभा अगले हफ्ते फिर से मिलने की संभावना है, जहाँ बकाया विधायी कार्यों पर चर्चा होगी।
विजय ने ruling पार्टी को वीरनम जल‑परियोजना स्कैंडल से भी जोड़ा, यह आरोप लगाते हुए कि इस योजना में अनियमितताएँ और वित्तीय दुरुपयोग हुआ है। विपक्षी सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, और आयोग को पार्टियों के हित में politicise करने का आरोप लगाया।
बहस तेज़ी से बढ़ी, कई सदस्य चिल्लाते रहे और व्यवस्था बनाए रखने की मांग की। अध्यक्ष को व्यवस्था बहाल करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा, पर माहौल तनावपूर्ण बना रहा, दोनों पक्ष कथा पर हावी होने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना राज्य में बढ़ती राजनीतिक टकराव को उजागर करती है, जहाँ DMK सरकार को जल संसाधनों और संघ‑राज्य संबंधों के प्रबंधन पर कड़ी जांच का सामना करना पड़ रहा है।
अभी कोई ठोस समाधान नहीं निकला, और विधानसभा अगले हफ्ते फिर से मिलने की संभावना है, जहाँ बकाया विधायी कार्यों पर चर्चा होगी।