📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
यात्रा
सुवेन्दु अधिकारी ने नई पश्चिम बंगाल पर्यटन लोगो का अनावरण, मिली आलोचना
✍️ The Hindu
🗓 05 सित. 2026, 03:33 PM
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पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने नया पर्यटन लोगो लॉन्च किया, जिसे डिजाइन और प्रासंगिकता को लेकर आलोचना मिली।
पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने राज्य की पर्यटन छवि को नवीनीकृत करने के उद्देश्य से एक नया लोगो प्रस्तुत किया। यह अनावरण एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हुआ, जिसमें कई अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि शामिल थे। नए प्रतीक में ऐसी शैलीबद्ध आकृतियों को दिखाया गया है, जिन्हें राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व माना गया है।
लॉन्च के तुरंत बाद, डिजाइनरों, सांस्कृतिक विश्लेषकों और कुछ राजनीतिक टिप्पणीकारों ने इस लोगो पर सवाल उठाए। आलोचकों का कहना है कि इस लोगो के दृश्य तत्व पश्चिम बंगाल की विशिष्ट पहचान को पर्याप्त रूप से नहीं दर्शाते और अन्य मौजूदा प्रतीकों के समान दिखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि डिजाइन प्रक्रिया में पर्याप्त हितधारकों की भागीदारी नहीं ली गई।
पर्यटन विभाग ने लोगो की रक्षा करते हुए कहा कि इसे एक प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद तैयार किया गया था और इसे प्रचार सामग्री, संकेतों और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लागू किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह री‑ब्रांडिंग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित करने के लिए राज्य की एक आधुनिक और प्रामाणिक छवि प्रस्तुत करेगी।
राज्य प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए यह चर्चा भारत में अक्सर सांस्कृतिक गर्व और राजनीतिक कथाओं के संगम को उजागर करती है। विभाग ने अभी तक किसी संशोधन की घोषणा नहीं की है, परन्तु आलोचना भविष्य की ब्रांडिंग रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।
लॉन्च के तुरंत बाद, डिजाइनरों, सांस्कृतिक विश्लेषकों और कुछ राजनीतिक टिप्पणीकारों ने इस लोगो पर सवाल उठाए। आलोचकों का कहना है कि इस लोगो के दृश्य तत्व पश्चिम बंगाल की विशिष्ट पहचान को पर्याप्त रूप से नहीं दर्शाते और अन्य मौजूदा प्रतीकों के समान दिखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि डिजाइन प्रक्रिया में पर्याप्त हितधारकों की भागीदारी नहीं ली गई।
पर्यटन विभाग ने लोगो की रक्षा करते हुए कहा कि इसे एक प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद तैयार किया गया था और इसे प्रचार सामग्री, संकेतों और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लागू किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह री‑ब्रांडिंग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित करने के लिए राज्य की एक आधुनिक और प्रामाणिक छवि प्रस्तुत करेगी।
राज्य प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए यह चर्चा भारत में अक्सर सांस्कृतिक गर्व और राजनीतिक कथाओं के संगम को उजागर करती है। विभाग ने अभी तक किसी संशोधन की घोषणा नहीं की है, परन्तु आलोचना भविष्य की ब्रांडिंग रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।