📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / India Post, Government of India
अपराध
सिंगरौली में निलंबित पटवारी राजेश नामदेव ने पुलिस हिरासत से फरार
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अग. 2026, 09:51 AM
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सरकारी भूमि में हेराफेरी के आरोप में हिरासत में रहे निलंबित पटवारी ने अस्पताल में शौच के बहाने पुलिस से फरार हो गया, जिससे एएसआई और रक्षक को भी निलंबित किया गया।
सिंगरौली, मध्य प्रदेश – राजेश नामदेव, जो सरकारी भूमि के रिकॉर्ड में हेराफेरी और अवैध कूटरचना के आरोप में निलंबित पटवारी थे, बुधवार को जिला चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर बैढ़न में पुलिस हिरासत से फरार हो गए। वह शौचालय जाने की मांग करके मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।
पुलिस ने बताया कि इस अचानक भागने से हिरासत के दौरान सुरक्षा में चूक का संदेह उत्पन्न हुआ। हिरासत की देखरेख करने वाले एएसआई और रक्षक को भी उनकी भूमिका की जांच के लिए निलंबित कर दिया गया है।
स्थानीय अधिकारियों ने नामदेव को पकड़ने के लिए खोज शुरू कर दी है और जनता से किसी भी सूचना के लिए अपील की है। यह घटना दूरस्थ जिलों में उच्च प्रोफ़ाइल अपराधियों की हिरासत प्रबंधन में पुलिस को मिलने वाली चुनौतियों को उजागर करती है।
यह मामला सरकारी भूमि में हेराफेरी और अवैध निर्माण से जुड़ा है, जिसके तहत मध्य प्रदेश के भूमि प्रबंधन कानून के तहत कड़ी सजा निर्धारित है।
हिरासत में चूक के कारणों की जांच चल रही है, और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी का वचन दिया है।
पुलिस ने बताया कि इस अचानक भागने से हिरासत के दौरान सुरक्षा में चूक का संदेह उत्पन्न हुआ। हिरासत की देखरेख करने वाले एएसआई और रक्षक को भी उनकी भूमिका की जांच के लिए निलंबित कर दिया गया है।
स्थानीय अधिकारियों ने नामदेव को पकड़ने के लिए खोज शुरू कर दी है और जनता से किसी भी सूचना के लिए अपील की है। यह घटना दूरस्थ जिलों में उच्च प्रोफ़ाइल अपराधियों की हिरासत प्रबंधन में पुलिस को मिलने वाली चुनौतियों को उजागर करती है।
यह मामला सरकारी भूमि में हेराफेरी और अवैध निर्माण से जुड़ा है, जिसके तहत मध्य प्रदेश के भूमि प्रबंधन कानून के तहत कड़ी सजा निर्धारित है।
हिरासत में चूक के कारणों की जांच चल रही है, और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी का वचन दिया है।