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27 सित. 2026•
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सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल मास्टर प्लान 2047 की निगरानी संभाली
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Imanushkasingh
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सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल मास्टर प्लान 2047 की निगरानी संभाली

✍️ Dainik Jagran MP CG 🗓 27 सित. 2026, 01:31 PM 👁 8
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सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के मास्टर प्लान 2047 की कार्यवाही की निगरानी शुरू कर दी है, जैसा कि दैनिक जागरण एमपी सीजी ने बताया। इस कदम से शहर के दीर्घकालिक विकास योजना पर न्यायिक नियंत्रण आया है।

सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के मास्टर प्लान 2047 की कार्यवाही की निगरानी करने का कदम उठाया है, जो शहर के विकास और बुनियादी ढाँचे को अगले दो दशकों तक दिशा देने वाला व्यापक ढांचा है। यह जानकारी दैनिक जागरण एमपी सीजी ने दी, जिससे स्पष्ट होता है कि अब यह योजना न्यायिक निगरानी में है।

राज्य की शहरी विकास प्राधिकरणों द्वारा तैयार किया गया यह मास्टर प्लान ज़मीन‑उपयोग, परिवहन मार्ग, आवासीय परियोजनाएँ और पर्यावरणीय सुरक्षा को शामिल करता है, जिसका उद्देश्य भोपाल के भविष्य को व्यवस्थित रूप से आकार देना है। सुप्रीम कोर्ट की भागीदारी यह सुनिश्चित करने के लिए है कि योजना कानूनी मानकों के अनुरूप लागू हो और किसी भी याचिका या विवाद को हल किया जाए।

शहर के अधिकारी, शहरी योजनाकार और अन्य हितधारकों को कोर्ट की निगरानी प्रक्रिया में सहयोग करना होगा। इस प्रक्रिया में प्रगति रिपोर्टों की नियमित समीक्षा, अनुपालन जाँच और योजना में किसी भी विचलन को सुधारने के लिए निर्देश शामिल हो सकते हैं।

वर्तमान में कोर्ट के विशिष्ट आदेशों के विवरण सार्वजनिक नहीं हुए हैं, पर यह कदम भारत के प्रमुख शहरों में बड़े‑पैमाने पर शहरी परियोजनाओं के पारदर्शी और वैध कार्यान्वयन के महत्व को रेखांकित करता है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी तब तक जारी रहेगी जब तक प्राधिकरण यह सिद्ध नहीं कर देते कि मास्टर प्लान के लक्ष्य सार्वजनिक हित और वैधानिक आवश्यकताओं के अनुसार प्राप्त हो रहे हैं।
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