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10 जुल. 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया: मृतक के आश्रित को दी गई सहानुभूतिपूर्ण रोजगार 'पैसाकीय लाभ' नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
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सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया: मृतक के आश्रित को दी गई सहानुभूतिपूर्ण रोजगार 'पैसाकीय लाभ' नहीं

✍️ Live Law 🗓 10 जुल. 2026, 07:47 PM 👁 6

सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम निर्णय में स्पष्ट किया गया कि मृतक कर्मचारी के आश्रित को दी गई सहानुभूतिपूर्ण रोजगार को दुर्घटना लाभ की गणना में पैसाकीय लाभ नहीं माना जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने आज दुर्घटना मुआवजे के संदर्भ में "पैसाकीय लाभ" की व्याख्या पर एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया। इस निर्णय में कहा गया कि मृतक कर्मचारी के आश्रित को दी गई सहानुभूतिपूर्ण रोजगार को दुर्घटना लाभ की गणना में पैसाकीय लाभ नहीं माना जाएगा।

मामले में, नियोक्ता ने मृतक के पति/पत्नी को एक नौकरी की पेशकश की थी। परिवार ने तर्क दिया कि यह रोजगार एक वित्तीय लाभ है जो मुआवजे की राशि को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया और कहा कि यह रोजगार एक सहानुभूतिपूर्ण कार्य है और कानून के तहत पैसाकीय लाभ नहीं है।

निर्णय में स्पष्ट किया गया कि "पैसाकीय लाभ" केवल सीधे वित्तीय लाभों जैसे वेतन, बोनस या अन्य मौद्रिक लाभों पर लागू होता है। सहानुभूतिपूर्ण रोजगार, जो नियोक्ता के सामान्य वेतन सूची में नहीं आता, इस परिभाषा से बाहर है।

यह निर्णय भविष्य के उन मामलों पर प्रभाव डालेगा जहाँ कर्मचारी मुआवजा शामिल है, यह सुनिश्चित करते हुए कि नियोक्ताओं के दयालु कार्य दुर्घटना लाभ गणना में दंडित न हों।
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