📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
देश
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात उच्च न्यायालय का निर्णय उलट कर खोए हुए रेलवे टिकट के मुआवजे पर फैसला बदला
✍️ The New Indian Express
🗓 26 सित. 2026, 08:32 PM
👁 15
सुप्रीम कोर्ट ने खोए हुए रेलवे टिकट के मुआवजे के लिए दावे को मान्य करते हुए गुजरात उच्च न्यायालय के निर्णय को उलट दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने गुजरात उच्च न्यायालय के उस निर्णय को उलट दिया है, जिसमें खोए हुए रेलवे टिकट के लिए मुआवजा देने से इनकार किया गया था। इस फैसले में अदालत ने कहा कि टिकट खोने की घटना को वैध शिकायत माना जाना चाहिए और रेलवे नियमों के तहत मुआवजा दिया जाना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने पहले यह निर्णय दिया था कि इस तरह के दावे आगे नहीं बढ़ाए जा सकते। प्रभावित यात्रियों ने इस निर्णय को चुनौती दी, और सुप्रीम कोर्ट ने उनका समर्थन करते हुए यह स्पष्ट किया कि यात्रियों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।
हालाँकि निर्णय में मुआवजे की राशि का उल्लेख नहीं है, परंतु यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यात्रियों को खोए हुए टिकट के लिए मुआवजा मांगने का अधिकार है और रेलवे अधिकारियों को ऐसी शिकायतों का निपटारा करना अनिवार्य है।
यह फैसला दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट परिवहन क्षेत्र में उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए सतर्क रहता है और प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण यात्रियों को उनके वैध मुआवजे से वंचित नहीं होने देता।
उच्च न्यायालय ने पहले यह निर्णय दिया था कि इस तरह के दावे आगे नहीं बढ़ाए जा सकते। प्रभावित यात्रियों ने इस निर्णय को चुनौती दी, और सुप्रीम कोर्ट ने उनका समर्थन करते हुए यह स्पष्ट किया कि यात्रियों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।
हालाँकि निर्णय में मुआवजे की राशि का उल्लेख नहीं है, परंतु यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यात्रियों को खोए हुए टिकट के लिए मुआवजा मांगने का अधिकार है और रेलवे अधिकारियों को ऐसी शिकायतों का निपटारा करना अनिवार्य है।
यह फैसला दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट परिवहन क्षेत्र में उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए सतर्क रहता है और प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण यात्रियों को उनके वैध मुआवजे से वंचित नहीं होने देता।