📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
शिक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने JPSC के न्यायिक परीक्षा संचालन पर सवाल उठाए
✍️ Hindustan Times
🗓 24 अग. 2026, 07:03 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सार्वजनिक सेवा आयोग द्वारा न्यायिक परीक्षा आयोजित करने की पुष्टि मांगी, साथ ही CBI जांच की याचिका पर चिंता जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या झारखंड सार्वजनिक सेवा आयोग (JPSC) न्यायिक सेवा परीक्षा आयोजित करता है। यह प्रश्न एक याचिका के सुनवाई के दौरान उठाया गया, जिसमें चयन प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की जांच के लिए CBI को शामिल करने की मांग की गई थी। न्यायालय ने इस बात पर चिंता जताई कि परीक्षा के संचालन में कोई भी चूक न्यायपालिका और सार्वजनिक सेवा भर्ती की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि राज्य आयोग द्वारा न्यायिक परीक्षा आयोजित करना हितों के टकराव की संभावना पैदा करता है, जिससे स्वतंत्र जांच की आवश्यकता उत्पन्न होती है। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरणों को JPSC के कार्यक्षेत्र और मौजूदा निगरानी तंत्र के बारे में विस्तृत उत्तर देने का निर्देश दिया है।
कोर्ट का यह हस्तक्षेप राज्य स्तर की भर्ती संस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बढ़ती निगरानी को दर्शाता है, विशेषकर जब अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं। सरकार के उत्तर की समीक्षा के बाद अंतिम आदेश जारी किया जाएगा।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि राज्य आयोग द्वारा न्यायिक परीक्षा आयोजित करना हितों के टकराव की संभावना पैदा करता है, जिससे स्वतंत्र जांच की आवश्यकता उत्पन्न होती है। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरणों को JPSC के कार्यक्षेत्र और मौजूदा निगरानी तंत्र के बारे में विस्तृत उत्तर देने का निर्देश दिया है।
कोर्ट का यह हस्तक्षेप राज्य स्तर की भर्ती संस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बढ़ती निगरानी को दर्शाता है, विशेषकर जब अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं। सरकार के उत्तर की समीक्षा के बाद अंतिम आदेश जारी किया जाएगा।