📷 चित्र स्रोत: TOI City (via NewsData)
देश
गंभीर रूप से घायल बच्ची के इलाज से इनकार पर सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों से मांगे जवाब
✍️ TOI City
🗓 18 जून 2026, 02:02 PM
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सुप्रीम कोर्ट दो ग़ाज़ियाबाद अस्पतालों के आचरण की जाँच कर रहा है, जिन पर एक गंभीर रूप से घायल 4 वर्षीय बच्ची के इलाज से इनकार करने का आरोप है, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। पिता का दावा है कि समय पर चिकित्सा सहायता से उसकी जान बचाई जा सकती थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने ग़ाज़ियाबाद के दो अस्पतालों के खिलाफ़ लगे आरोपों से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई की है। आरोप है कि इन अस्पतालों ने एक गंभीर रूप से घायल चार वर्षीय बच्ची के इलाज से इनकार कर दिया था। बच्ची को एक हमले के कई घंटे बाद खून बहती अवस्था में पाया गया था।
पिता ने अस्पतालों से जवाबदेही की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। अदालत इस मामले में अस्पतालों के कथित इनकार की कार्रवाई की जाँच कर रही है। पिता का पक्ष है कि यदि बच्ची को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
यह मामला आपातकालीन स्थितियों में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के नैतिक और कानूनी दायित्वों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अस्पतालों का कर्तव्य है कि वे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को जीवन रक्षक उपचार प्रदान करें। सुप्रीम कोर्ट की यह जाँच चिकित्सा उपेक्षा और रोगी देखभाल मानकों के संबंध में महत्वपूर्ण मिसालें कायम कर सकती है।
पिता ने अस्पतालों से जवाबदेही की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। अदालत इस मामले में अस्पतालों के कथित इनकार की कार्रवाई की जाँच कर रही है। पिता का पक्ष है कि यदि बच्ची को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
यह मामला आपातकालीन स्थितियों में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के नैतिक और कानूनी दायित्वों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अस्पतालों का कर्तव्य है कि वे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को जीवन रक्षक उपचार प्रदान करें। सुप्रीम कोर्ट की यह जाँच चिकित्सा उपेक्षा और रोगी देखभाल मानकों के संबंध में महत्वपूर्ण मिसालें कायम कर सकती है।