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शिक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से नेत्र‑यूजी पेपर लीक समिति की सिफ़ारिशों पर कार्यवाही पूछी
✍️ The Hindu
🗓 19 अग. 2026, 01:39 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से नेत्र‑यूजी पेपर लीक पर राधाकृष्णन समिति की सिफ़ारिशों के कार्यान्वयन के बारे में पूछताछ की, इसे प्रणालीगत समस्या बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने आज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को राधाकृष्णन समिति की सिफ़ारिशों के संबंध में जवाबदेह ठहराया, जो नेत्र‑यूजी पेपर लीक के बाद गठित की गई थी। न्यायालय ने कहा कि समिति ने सही रूप से इस लीक को प्रणालीगत समस्या बताया है, जिसके लिये संस्थागत सुधार आवश्यक हैं, न कि केवल अस्थायी उपाय।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने NTA से यह स्पष्ट करने को कहा कि समिति की सिफ़ारिशों को संस्थागत बनाने के लिए कौन‑से ठोस कदम उठाए गए हैं, यह बताते हुए कि पहले के प्रयास अक्सर कागज़ पर ही रहे और दोहराव को रोक नहीं पाए। कोर्ट ने कहा कि हर अगली परीक्षा को एक नई, सुदृढ़ व्यवस्था के साथ होना चाहिए, न कि पहले की कमियों को दोहराते हुए।
NTA ने अभी तक विस्तृत कार्य‑योजना नहीं दी है, और यदि एजेंसी ठोस प्रगति नहीं दिखाती तो आगे की जांच की जा सकती है। यह आदेश परीक्षा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और भारत के प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सार्वजनिक भरोसा बहाल करने के लिए न्यायपालिका की दृढ़ता को दर्शाता है।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने NTA से यह स्पष्ट करने को कहा कि समिति की सिफ़ारिशों को संस्थागत बनाने के लिए कौन‑से ठोस कदम उठाए गए हैं, यह बताते हुए कि पहले के प्रयास अक्सर कागज़ पर ही रहे और दोहराव को रोक नहीं पाए। कोर्ट ने कहा कि हर अगली परीक्षा को एक नई, सुदृढ़ व्यवस्था के साथ होना चाहिए, न कि पहले की कमियों को दोहराते हुए।
NTA ने अभी तक विस्तृत कार्य‑योजना नहीं दी है, और यदि एजेंसी ठोस प्रगति नहीं दिखाती तो आगे की जांच की जा सकती है। यह आदेश परीक्षा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और भारत के प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सार्वजनिक भरोसा बहाल करने के लिए न्यायपालिका की दृढ़ता को दर्शाता है।