📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
कृषि
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पीईकेबी कोयला ब्लॉक के पास वन अधिकार लागू करने की याचिका पर नोटिस जारी किया
✍️ The Economic Times
🗓 24 अग. 2026, 07:36 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पीईकेबी कोयला ब्लॉक के निकट स्थानीय समुदायों के वन अधिकार लागू करने की याचिका पर नोटिस जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पीईकेबी कोयला ब्लॉक के निकट समुदायिक वन अधिकार लागू करने की याचिका को स्वीकार किया है। यह याचिका वन अधिकार अधिनियम के तहत स्थानीय वन‑निर्भर समुदायों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें वे कोयला खनन से अपने अधिकारों के उल्लंघन का दावा कर रहे हैं।
कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य प्राधिकरणों को नोटिस जारी कर उन्हें इस मुद्दे पर जवाब देने का निर्देश दिया है। यह नोटिस दर्शाता है कि कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि कोयला खनन कार्यों को समुदाय के कानूनी अधिकारों के साथ कैसे संतुलित किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम खनन और वन अधिकारों के बीच बढ़ती टकराव की पृष्ठभूमि में आया है। आगे की सुनवाई में समुदाय के अधिकारों की सीमा और खनन कंपनियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जाएगा।
यह मामला भारत के खनिज‑समृद्ध क्षेत्रों में सतत विकास, पर्यावरणीय सुरक्षा और स्थानीय आजीविका के अधिकारों के बीच चल रहे व्यापक बहस को उजागर करता है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य प्राधिकरणों को नोटिस जारी कर उन्हें इस मुद्दे पर जवाब देने का निर्देश दिया है। यह नोटिस दर्शाता है कि कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि कोयला खनन कार्यों को समुदाय के कानूनी अधिकारों के साथ कैसे संतुलित किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम खनन और वन अधिकारों के बीच बढ़ती टकराव की पृष्ठभूमि में आया है। आगे की सुनवाई में समुदाय के अधिकारों की सीमा और खनन कंपनियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जाएगा।
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