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देश
सर्वोच्च न्यायालय: फुटपाथ पर चलना मौलिक अधिकार, पैदल चलने वालों को प्राथमिकता
✍️ Newsx
🗓 20 जून 2026, 10:02 AM
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सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि संविधान के तहत सीमांकित फुटपाथ पर चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और यह मोटर वाहनों की आवाजाही पर प्राथमिकता रखता है।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पुष्टि की है कि सीमांकित फुटपाथों पर पैदल चलने वालों की पहुंच एक मौलिक अधिकार है। शीर्ष अदालत के इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि इन निर्धारित रास्तों पर चलने का अधिकार मोटर वाहनों की आवाजाही पर प्राथमिकता रखता है।
इस ऐतिहासिक फैसले से पैदल चलने वालों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होती है, जो फुटपाथों पर उनकी प्राथमिकता स्थापित करता है। अदालत का यह रुख संवैधानिक ढांचे के भीतर स्पष्ट और सुलभ पैदल यात्री स्थानों को सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देता है।
इस फैसले से शहरी नियोजन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर व्यापक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जिससे संभवतः पैदल चलने वालों के आवागमन में बाधा डालने वाले अतिक्रमण के खिलाफ सख्त प्रवर्तन हो सकता है।
इस ऐतिहासिक फैसले से पैदल चलने वालों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होती है, जो फुटपाथों पर उनकी प्राथमिकता स्थापित करता है। अदालत का यह रुख संवैधानिक ढांचे के भीतर स्पष्ट और सुलभ पैदल यात्री स्थानों को सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देता है।
इस फैसले से शहरी नियोजन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर व्यापक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जिससे संभवतः पैदल चलने वालों के आवागमन में बाधा डालने वाले अतिक्रमण के खिलाफ सख्त प्रवर्तन हो सकता है।