📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shamirpetwala
स्वास्थ्य
केरल में होमियोपैथिक इम्यूनिटी बूस्टर पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज
✍️ Business Standard
🗓 22 अग. 2026, 05:10 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने केरल में इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में बेचे जाने वाले होमियोपैथिक उत्पाद के उपयोग को रोकने की याचिका खारिज कर दी, जिससे इसका प्रचलन जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने केरल में इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में प्रचारित होमियोपैथिक दवा के वितरण को रोकने की याचिका को खारिज कर दिया है। इस निर्णय से उत्पाद की वर्तमान स्थिति बनी रहती है और इसे राज्य में बेचना व उपयोग करना जारी रहेगा।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह दवा वैज्ञानिक प्रमाणों से रहित है और जनता को भ्रमित कर सकती है, इसलिए उन्होंने इसके विपणन पर रोक की मांग की थी। कोर्ट ने इस बात को पर्याप्त कारण नहीं माना और राहत प्रदान करने से इनकार किया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वैकल्पिक चिकित्सा के दावों और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाने में न्यायालय की सतर्कता को दर्शाता है। अब तक के नियामक ढाँचे के तहत यह दवा केरल में उपलब्ध रहेगी, जब तक कि नई साक्ष्य या नीति परिवर्तन न हो।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि कोई भी इम्यूनिटी बूस्टर उपयोग करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श करें, विशेषकर उन उत्पादों के लिए जिनके पास ठोस क्लिनिकल प्रमाण नहीं हैं।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह दवा वैज्ञानिक प्रमाणों से रहित है और जनता को भ्रमित कर सकती है, इसलिए उन्होंने इसके विपणन पर रोक की मांग की थी। कोर्ट ने इस बात को पर्याप्त कारण नहीं माना और राहत प्रदान करने से इनकार किया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वैकल्पिक चिकित्सा के दावों और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाने में न्यायालय की सतर्कता को दर्शाता है। अब तक के नियामक ढाँचे के तहत यह दवा केरल में उपलब्ध रहेगी, जब तक कि नई साक्ष्य या नीति परिवर्तन न हो।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि कोई भी इम्यूनिटी बूस्टर उपयोग करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श करें, विशेषकर उन उत्पादों के लिए जिनके पास ठोस क्लिनिकल प्रमाण नहीं हैं।