📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति के निर्णय की प्रतीक्षा में, सांसद मंत्री पर ‘ऑप सिंदूर’ टिप्पणी के लिए अभियोजन
✍️ Hindustan Times
🗓 01 सित. 2026, 02:11 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने सांसद मंत्री की ‘ऑप सिंदूर’ टिप्पणी पर अभियोजन के आदेश को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जवाब का इंतजार करते हुए स्थगित कर दिया है।
नयी दिल्ली के सर्वोच्च न्यायालय ने एक केंद्रीय मंत्री को “ऑप सिंदूर” कहकर एक सक्रिय सेना कर्नल के खिलाफ आपराधिक अभियोजन करने के निर्णय को स्थगित कर दिया है।
यह विवाद मंत्री द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रम में की गई टिप्पणी के बाद उत्पन्न हुआ, जिसे सेना के सम्मान के प्रति अनादर माना गया। अभियोजन की मांग के साथ याचिका दायर की गई, जिसके बाद न्यायालय ने राष्ट्रपति की राय मांगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जवाब की अब प्रतीक्षा है, क्योंकि न्यायालय ने कहा है कि मंत्री के खिलाफ कोई भी कार्रवाई कार्यकारी की सहमति पर निर्भर करेगी। संविधान के तहत वर्तमान मंत्री के विरुद्ध अभियोजन के लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति अनिवार्य है।
यह मामला भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनैतिक जवाबदेही और सेना की गरिमा की रक्षा के बीच संतुलन को उजागर करता है।
यह विवाद मंत्री द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रम में की गई टिप्पणी के बाद उत्पन्न हुआ, जिसे सेना के सम्मान के प्रति अनादर माना गया। अभियोजन की मांग के साथ याचिका दायर की गई, जिसके बाद न्यायालय ने राष्ट्रपति की राय मांगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जवाब की अब प्रतीक्षा है, क्योंकि न्यायालय ने कहा है कि मंत्री के खिलाफ कोई भी कार्रवाई कार्यकारी की सहमति पर निर्भर करेगी। संविधान के तहत वर्तमान मंत्री के विरुद्ध अभियोजन के लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति अनिवार्य है।
यह मामला भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनैतिक जवाबदेही और सेना की गरिमा की रक्षा के बीच संतुलन को उजागर करता है।