📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
शिक्षा
प्रिंसिपल के तबादले पर आदेश न रद्द होने से जारोड़ा के पीएम श्री स्कूल में छात्रों ने किया गेट पर ताला
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 19 अग. 2026, 03:03 PM
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नागौर के जारोड़ा में पीएम श्री स्कूल के छात्रों ने प्रिंसिपल के तबादले के आदेश को न रद्द रहने पर फिर से गेट पर ताला लगाकर कक्षाओं और परीक्षाओं का बहिष्कार किया।
नागौर जिले के जारोड़ा में स्थित पीएम श्री स्कूल में छात्रों ने प्रिंसिपल के तबादले के आदेश को न रद्द रहने पर फिर से विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया, आसपास की सड़क पर धरना दिया और कक्षाओं व आगामी परीक्षाओं का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
यह प्रदर्शन उसी मुद्दे पर पहले हुए विरोध के बाद आया, जिसे अधिकारियों के पुनर्विचार के वादे के बाद कुछ समय के लिए रोका गया था। तबादला अभी भी लटकता रहने के कारण छात्र आदेश को वापस करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे शैक्षणिक निरंतरता में बाधा को लेकर चिंतित हैं।
स्कूल प्रबंधन ने बताया कि प्रिंसिपल का तबादला जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा स्वीकृत है और औपचारिक सुनवाई तक कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई फिर से शुरू करने का आग्रह किया, यह चेतावनी देते हुए कि लंबी अवधि का व्यवधान परीक्षा की तैयारी को प्रभावित कर सकता है।
स्थानीय पुलिस को स्थिति पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया है, लेकिन उन्होंने सीधे हस्तक्षेप नहीं किया, यह कहा कि यह एक नागरिक मुद्दा है। शिक्षा विभाग से तबादले के निर्णय के लिए स्पष्ट समय‑सीमा देने को कहा गया है।
यह घटना राजस्थान के शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ती तनाव को उजागर करती है, जहाँ कर्मचारियों के पदस्थापनों में अचानक बदलाव अक्सर छात्रों में असंतोष उत्पन्न करता है।
यह प्रदर्शन उसी मुद्दे पर पहले हुए विरोध के बाद आया, जिसे अधिकारियों के पुनर्विचार के वादे के बाद कुछ समय के लिए रोका गया था। तबादला अभी भी लटकता रहने के कारण छात्र आदेश को वापस करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे शैक्षणिक निरंतरता में बाधा को लेकर चिंतित हैं।
स्कूल प्रबंधन ने बताया कि प्रिंसिपल का तबादला जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा स्वीकृत है और औपचारिक सुनवाई तक कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई फिर से शुरू करने का आग्रह किया, यह चेतावनी देते हुए कि लंबी अवधि का व्यवधान परीक्षा की तैयारी को प्रभावित कर सकता है।
स्थानीय पुलिस को स्थिति पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया है, लेकिन उन्होंने सीधे हस्तक्षेप नहीं किया, यह कहा कि यह एक नागरिक मुद्दा है। शिक्षा विभाग से तबादले के निर्णय के लिए स्पष्ट समय‑सीमा देने को कहा गया है।
यह घटना राजस्थान के शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ती तनाव को उजागर करती है, जहाँ कर्मचारियों के पदस्थापनों में अचानक बदलाव अक्सर छात्रों में असंतोष उत्पन्न करता है।