📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Social Justice and Empowerment
राजनीति
एसटी समूहों ने 2027 में भाजपा के खिलाफ प्रतिक्रिया की चेतावनी, राज्य भर में मशाल रैली शुरू
✍️ The Times of India
🗓 06 नव. 2026, 06:01 AM
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शेड्यूल्ड ट्राइब समूहों ने भाजपा को 2027 के चुनावों में संभावित प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है और समर्थन जुटाने के लिए राज्य भर में मशाल रैली शुरू की है।
शेड्यूल्ड ट्राइब (एसटी) संगठनों ने भारतीय जनता पार्टी को एक स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जनजातीय मुद्दों को पर्याप्त रूप से नहीं सुलझाया गया तो 2027 के आम चुनावों में पार्टी को भारी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। इस चेतावनी के साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में एक मशाल रैली शुरू की है, जिसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों को एकजुट करना और उनके मुद्दों को उजागर करना है।
यह कदम हालिया नीतियों और विकास परियोजनाओं के प्रति जनजातियों की बढ़ती असंतुष्टि के बीच आया है, जिन्हें उन्होंने अपने हितों के प्रति उपेक्षा के रूप में देखा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में एसटी वोट बैंक का महत्व बढ़ रहा है, जिससे भाजपा के लिए अगली चुनावी लहर से पहले इन समुदायों तक पहुँच बनाना रणनीतिक रूप से आवश्यक हो गया है।
कार्यकर्ता प्रमुख जनजातीय केंद्रों से मशाल रैली शुरू कर, गाँव-शहरों में टॉर्च लेकर मार्च कर रहे हैं और अपनी मांगों को दर्शाते हुए पर्चे वितरित कर रहे हैं। यह अभियान कई दिनों तक जारी रहेगा, और आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों से शांति और अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया है।
भाजपा ने अभी तक इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, पर राज्य स्तर पर पार्टी के प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं और उठाए गए मुद्दों को सुलझाने के लिए जनजातीय नेताओं के साथ संवाद करेंगे।
यह कदम हालिया नीतियों और विकास परियोजनाओं के प्रति जनजातियों की बढ़ती असंतुष्टि के बीच आया है, जिन्हें उन्होंने अपने हितों के प्रति उपेक्षा के रूप में देखा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में एसटी वोट बैंक का महत्व बढ़ रहा है, जिससे भाजपा के लिए अगली चुनावी लहर से पहले इन समुदायों तक पहुँच बनाना रणनीतिक रूप से आवश्यक हो गया है।
कार्यकर्ता प्रमुख जनजातीय केंद्रों से मशाल रैली शुरू कर, गाँव-शहरों में टॉर्च लेकर मार्च कर रहे हैं और अपनी मांगों को दर्शाते हुए पर्चे वितरित कर रहे हैं। यह अभियान कई दिनों तक जारी रहेगा, और आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों से शांति और अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया है।
भाजपा ने अभी तक इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, पर राज्य स्तर पर पार्टी के प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं और उठाए गए मुद्दों को सुलझाने के लिए जनजातीय नेताओं के साथ संवाद करेंगे।