📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashwin Kumar from Bangalore, India
यात्रा
स्पाइसजेट की 17 घंटे की देरी से अमृतसर हवाई अड्डे पर यात्रियों का विरोध
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 30 अग. 2026, 10:48 PM
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स्पाइसजेट की उड़ान में 17 घंटे की देरी के कारण अमृतसर हवाई अड्डे पर यात्रियों ने काउंटर पर हंगामा किया।
अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की एक उड़ान 17 घंटे तक रुक गई, जिससे यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ा। एयरलाइन ने संचालन संबंधी समस्याओं को देरी का कारण बताया, लेकिन विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए।
समय सीमा पार होने के साथ ही यात्रियों में असंतोष बढ़ा। कई यात्रियों ने स्पाइसजेट काउंटर पर इकट्ठा होकर अपनी शिकायतें उठाईं और तुरंत समाधान की मांग की। आवाज़ें उठाने और भीड़ बनाने के कारण काउंटर पर हंगामा हुआ, जबकि कर्मचारियों ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की।
स्पाइसजेट के प्रतिनिधियों ने असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि वे प्रभावित उड़ान को जल्द से जल्द पुनः निर्धारित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने संभव होने पर यात्रियों को वैकल्पिक सेवाओं पर बुक करने की भी पेशकश की, हालांकि प्रक्रिया अभी चल रही है।
हवाई अड्डे के प्राधिकरण ने स्थिति पर नज़र रखी और सुरक्षा व व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन के साथ समन्वय किया। इस दौरान कोई शारीरिक टकराव या चोट की रिपोर्ट नहीं आई, पर यह घटना क्षेत्रीय हब में लंबी देरी को संभालने की चुनौतियों को उजागर करती है।
समय सीमा पार होने के साथ ही यात्रियों में असंतोष बढ़ा। कई यात्रियों ने स्पाइसजेट काउंटर पर इकट्ठा होकर अपनी शिकायतें उठाईं और तुरंत समाधान की मांग की। आवाज़ें उठाने और भीड़ बनाने के कारण काउंटर पर हंगामा हुआ, जबकि कर्मचारियों ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की।
स्पाइसजेट के प्रतिनिधियों ने असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि वे प्रभावित उड़ान को जल्द से जल्द पुनः निर्धारित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने संभव होने पर यात्रियों को वैकल्पिक सेवाओं पर बुक करने की भी पेशकश की, हालांकि प्रक्रिया अभी चल रही है।
हवाई अड्डे के प्राधिकरण ने स्थिति पर नज़र रखी और सुरक्षा व व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन के साथ समन्वय किया। इस दौरान कोई शारीरिक टकराव या चोट की रिपोर्ट नहीं आई, पर यह घटना क्षेत्रीय हब में लंबी देरी को संभालने की चुनौतियों को उजागर करती है।