📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gretar Ívarsson – Edited by Fir0002
विज्ञान
हरियाणा के छह थर्मल प्लांट्स ने बायोमास को‑फ़ायरिंग लक्ष्य नहीं पूरे किए, सीपीसीबी ने कहा
✍️ Hindustan Times
🗓 17 अक्टू. 2026, 11:16 AM
👁 16
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने बताया कि हरियाणा के छह थर्मल प्लांट्स ने निर्धारित बायोमास को‑फ़ायरिंग प्रतिशत पूरा नहीं किया, जिससे पर्यावरणीय मानदंडों का उल्लंघन हुआ।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने हरियाणा के छह थर्मल पावर प्लांट्स को बायोमास को‑फ़ायरिंग के निर्धारित प्रतिशत को पूरा न करने के कारण नोट किया है। बोर्ड के निगरानी डेटा के अनुसार, इन संयंत्रों ने कोयले के साथ नवीनीकृत बायोमास को मिलाने के लिए तय लक्ष्य से कम प्रदर्शन किया, जो कार्बन उत्सर्जन घटाने के उद्देश्य से निर्धारित है।
CPCB ने बताया कि इस प्रकार की अनुपालन विफलता पर नियामक कार्रवाई, जैसे जुर्माना या ईंधन प्रबंधन में सुधार के निर्देश, लागू किए जा सकते हैं। बोर्ड ने संयंत्र संचालकों से शीघ्र सुधारात्मक कदम उठाने का अनुरोध किया है ताकि बायोमास को‑फ़ायरिंग अनुपात को निर्धारित मानकों के अनुरूप लाया जा सके।
यह कमी राज्य की पावर सेक्टर को भारत के व्यापक स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है। अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस रिपोर्ट की समीक्षा कर संयंत्रों के साथ मिलकर भविष्य में पर्यावरणीय मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करेंगे।
ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्रों के हितधारकों ने इस विकास को बारीकी से देखा है, क्योंकि यह अन्य थर्मल सुविधाओं में नवीकरणीय एकीकरण की गति और नीति प्रवर्तन पर प्रभाव डाल सकता है।
CPCB ने बताया कि इस प्रकार की अनुपालन विफलता पर नियामक कार्रवाई, जैसे जुर्माना या ईंधन प्रबंधन में सुधार के निर्देश, लागू किए जा सकते हैं। बोर्ड ने संयंत्र संचालकों से शीघ्र सुधारात्मक कदम उठाने का अनुरोध किया है ताकि बायोमास को‑फ़ायरिंग अनुपात को निर्धारित मानकों के अनुरूप लाया जा सके।
यह कमी राज्य की पावर सेक्टर को भारत के व्यापक स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है। अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस रिपोर्ट की समीक्षा कर संयंत्रों के साथ मिलकर भविष्य में पर्यावरणीय मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करेंगे।
ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्रों के हितधारकों ने इस विकास को बारीकी से देखा है, क्योंकि यह अन्य थर्मल सुविधाओं में नवीकरणीय एकीकरण की गति और नीति प्रवर्तन पर प्रभाव डाल सकता है।