📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
शिक्षा
सिक्किम के सीएम ने 2035 तक शिक्षा हब बनाने की योजना घोषित
✍️ Northeast Today
🗓 06 सित. 2026, 03:26 AM
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मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने नई शिक्षा पहलों और 2035 तक सिक्किम को शिक्षा हब बनाने की दीर्घकालिक योजना की घोषणा की।
गंगटोक – सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने गुरुवार को एक व्यापक शिक्षा पहल की घोषणा की, जिसमें 2035 तक राज्य को प्रमुख शिक्षा हब बनाने की रणनीतिक योजना का विवरण दिया गया। यह घोषणा राज्य सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई, जहाँ मुख्यमंत्री ने विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
प्रस्तावित उपायों में स्कूलों के बुनियादी ढाँचे का आधुनिकीकरण, डिजिटल कक्षाओं का प्रसार, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना, तथा नए व्यावसायिक और कौशल‑आधारित पाठ्यक्रमों का परिचय शामिल है। सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों को प्रोत्साहन एवं सहयोगी साझेदारी के माध्यम से आकर्षित करने की योजना भी बताई, जिसका लक्ष्य अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों ने बताया कि ये पहल चरणबद्ध रूप से लागू की जाएँगी, पहले चयनित जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएँगे और अगले पाँच वर्षों में पूरे राज्य में विस्तार होगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि 2035 तक सिक्किम में विश्व‑स्तरीय संस्थानों का नेटवर्क, छात्र संख्या में वृद्धि और स्थानीय स्नातकों के लिए बेहतर रोजगार अवसर बनेंगे, जिससे राज्य की ज्ञान‑आधारित अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
प्रस्तावित उपायों में स्कूलों के बुनियादी ढाँचे का आधुनिकीकरण, डिजिटल कक्षाओं का प्रसार, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना, तथा नए व्यावसायिक और कौशल‑आधारित पाठ्यक्रमों का परिचय शामिल है। सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों को प्रोत्साहन एवं सहयोगी साझेदारी के माध्यम से आकर्षित करने की योजना भी बताई, जिसका लक्ष्य अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों ने बताया कि ये पहल चरणबद्ध रूप से लागू की जाएँगी, पहले चयनित जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएँगे और अगले पाँच वर्षों में पूरे राज्य में विस्तार होगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि 2035 तक सिक्किम में विश्व‑स्तरीय संस्थानों का नेटवर्क, छात्र संख्या में वृद्धि और स्थानीय स्नातकों के लिए बेहतर रोजगार अवसर बनेंगे, जिससे राज्य की ज्ञान‑आधारित अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।