सरकारी योजना
शिवपुरी की संपत पाल ने आजीविका मिशन से हासिल किया वित्तीय स्वावलंबन, अब महिलाओं को दे रही प्रशिक्षण
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की करैरा तहसील की ग्रामीण महिला संपत पाल ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से आर्थिक स्थिति मजबूत की है। उन्होंने 3 लाख रुपये का लोन लेकर संपत्ति खरीदी है और अब प्रशिक्षण केंद्र मैनेजर के तौर पर अन्य महिलाओं को कौशल विकास की शिक्षा दे रही हैं।
शिवपुरी, 18 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण अंचलों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शिवपुरी जिले की करैरा तहसील अंतर्गत ग्राम मामौनी खुर्द की रहने वाली श्रीमती संपत पाल की सफलता की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे सही मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं के सहयोग से एक साधारण ग्रामीण महिला आत्मनिर्भर बनकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है।
पहले आर्थिक कठिनाइयों और सीमित साधनों के कारण संपत पाल को निरंतर आर्थिक विषमताओं का सामना करना पड़ता था। इस दौर में उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह से जुड़कर वित्तीय अनुशासन, बचत और परस्पर सहयोग का महत्व समझा। आजीविका मिशन के माध्यम से मिले मार्गदर्शन और आसान शर्तों पर ऋण सुविधा ने उनके जीवन में प्रगति के द्वार खोल दिए, जिनका उन्होंने शत-प्रतिशत अनुशासित भुगतान किया।
स्वयं सहायता समूह से प्राप्त वित्तीय सहयोग का सही नियोजन करते हुए संपत पाल ने 3 लाख रुपये का ऋण लेकर अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए एक प्लॉट खरीदा। इसके साथ ही, अपनी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता के बल पर वे क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) प्रशिक्षण केंद्र की मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं, जहाँ वे विभिन्न आजीविका गतिविधियों का सफल प्रबंधन कर रही हैं।
अपनी इस भूमिका के जरिए संपत पाल अपने क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे कृषि सखी, पशु सखी और वीडीएस सहित विभिन्न प्रकार के कौशल विकास प्रशिक्षणों का आयोजन करा रही हैं, जिससे क्षेत्र की अनेक ग्रामीण महिलाएं हुनरमंद बनकर अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर पा रही हैं।
अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपत पाल ने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने उनके जीवन को नई दिशा, वित्तीय मजबूती और सम्मानजनक पहचान दी है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने वाली इन कल्याणकारी योजनाओं के सफल संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मध्य प्रदेश शासन और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का हृदय से आभार जताया है।
पहले आर्थिक कठिनाइयों और सीमित साधनों के कारण संपत पाल को निरंतर आर्थिक विषमताओं का सामना करना पड़ता था। इस दौर में उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह से जुड़कर वित्तीय अनुशासन, बचत और परस्पर सहयोग का महत्व समझा। आजीविका मिशन के माध्यम से मिले मार्गदर्शन और आसान शर्तों पर ऋण सुविधा ने उनके जीवन में प्रगति के द्वार खोल दिए, जिनका उन्होंने शत-प्रतिशत अनुशासित भुगतान किया।
स्वयं सहायता समूह से प्राप्त वित्तीय सहयोग का सही नियोजन करते हुए संपत पाल ने 3 लाख रुपये का ऋण लेकर अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए एक प्लॉट खरीदा। इसके साथ ही, अपनी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता के बल पर वे क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) प्रशिक्षण केंद्र की मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं, जहाँ वे विभिन्न आजीविका गतिविधियों का सफल प्रबंधन कर रही हैं।
अपनी इस भूमिका के जरिए संपत पाल अपने क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे कृषि सखी, पशु सखी और वीडीएस सहित विभिन्न प्रकार के कौशल विकास प्रशिक्षणों का आयोजन करा रही हैं, जिससे क्षेत्र की अनेक ग्रामीण महिलाएं हुनरमंद बनकर अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर पा रही हैं।
अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपत पाल ने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने उनके जीवन को नई दिशा, वित्तीय मजबूती और सम्मानजनक पहचान दी है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने वाली इन कल्याणकारी योजनाओं के सफल संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मध्य प्रदेश शासन और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का हृदय से आभार जताया है।