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श्री माधोपुर में अव्यवस्थित सीवर कार्य को लेकर उठे सवाल, व्यापारियों और नागरिकों की परेशानियां बढ़ीं
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श्री माधोपुर शहर में एक साथ कई स्थानों पर सड़कें खोदे जाने और सड़क बहाली में देरी के कारण आमजन और व्यापारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों ने कार्य को चरणबद्ध तरीके से करने और सड़कों की शीघ्र बहाली की मांग की है।
श्री माधोपुर शहर में चल रहे सीवरेज कार्य को लेकर आमजन और व्यापारियों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं। शहर के कई हिस्सों में एक साथ सड़कें खोदे जाने के कारण आवागमन, व्यापार और आम जनजीवन प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पटवारी कॉलेज से बस स्टैंड तक, मुख्य बाजार सहित कई अंदरूनी गलियों में सड़कें खोद दी गई हैं, लेकिन अनेक स्थानों पर काम पूरा होने और सड़कों की तत्काल बहाली का इंतजार है। इसके चलते लोगों को धूल, मिट्टी, कीचड़ और आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि यदि किसी क्षेत्र में पर्याप्त मशीनरी, श्रमिक और अन्य संसाधन उपलब्ध नहीं थे, तो एक साथ शहर के 10-15 स्थानों पर खुदाई क्यों शुरू की गई? लोगों के अनुसार, यदि कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जाता, तो एक हिस्से में पाइपलाइन डालकर सड़क को बहाल करने के बाद दूसरे हिस्से में काम शुरू किया जा सकता था। मुख्य बाजार और आसपास की सड़कों पर निर्माण कार्य के कारण दुकानों तक पहुंच प्रभावित होने की भी शिकायतें हैं। व्यापारियों का कहना है कि धूल और रास्तों की स्थिति के कारण ग्राहक बाजार तक आने में परेशानी महसूस कर रहे हैं, जिसका असर दैनिक कारोबार पर पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का सुझाव है कि सीवरेज कार्य को छोटे-छोटे हिस्सों में पूरा किया जाए। पहले सीमित क्षेत्र में खुदाई कर पाइपलाइन डालने, परीक्षण करने और सड़क को बहाल करने के बाद ही अगले हिस्से में कार्य शुरू किया जाए, ताकि एक साथ पूरे शहर में आवागमन बाधित न हो। लोगों ने नगर पालिका और सीवरेज कार्य से जुड़ी एजेंसी से सवाल किया है कि कार्य की योजना किस आधार पर बनाई गई और एक साथ इतने स्थानों पर खुदाई की अनुमति क्यों दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई है कि जिन स्थानों पर कार्य पूरा हो चुका है, वहां सड़क बहाली में कितना समय लगेगा।
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि सीवरेज कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, खोदी गई सड़कों को शीघ्र बहाल किया जाए और जब तक कार्य पूरा न हो, तब तक धूल नियंत्रण, सुरक्षित रास्ते और वैकल्पिक आवागमन की उचित व्यवस्था की जाए।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि यदि किसी क्षेत्र में पर्याप्त मशीनरी, श्रमिक और अन्य संसाधन उपलब्ध नहीं थे, तो एक साथ शहर के 10-15 स्थानों पर खुदाई क्यों शुरू की गई? लोगों के अनुसार, यदि कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जाता, तो एक हिस्से में पाइपलाइन डालकर सड़क को बहाल करने के बाद दूसरे हिस्से में काम शुरू किया जा सकता था। मुख्य बाजार और आसपास की सड़कों पर निर्माण कार्य के कारण दुकानों तक पहुंच प्रभावित होने की भी शिकायतें हैं। व्यापारियों का कहना है कि धूल और रास्तों की स्थिति के कारण ग्राहक बाजार तक आने में परेशानी महसूस कर रहे हैं, जिसका असर दैनिक कारोबार पर पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का सुझाव है कि सीवरेज कार्य को छोटे-छोटे हिस्सों में पूरा किया जाए। पहले सीमित क्षेत्र में खुदाई कर पाइपलाइन डालने, परीक्षण करने और सड़क को बहाल करने के बाद ही अगले हिस्से में कार्य शुरू किया जाए, ताकि एक साथ पूरे शहर में आवागमन बाधित न हो। लोगों ने नगर पालिका और सीवरेज कार्य से जुड़ी एजेंसी से सवाल किया है कि कार्य की योजना किस आधार पर बनाई गई और एक साथ इतने स्थानों पर खुदाई की अनुमति क्यों दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई है कि जिन स्थानों पर कार्य पूरा हो चुका है, वहां सड़क बहाली में कितना समय लगेगा।
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि सीवरेज कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, खोदी गई सड़कों को शीघ्र बहाल किया जाए और जब तक कार्य पूरा न हो, तब तक धूल नियंत्रण, सुरक्षित रास्ते और वैकल्पिक आवागमन की उचित व्यवस्था की जाए।