📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pranavspn
राजनीति
शाहजहांपुर BJP काउंसिलरों ने कहा वायरल ‘भ्रष्टाचार शपथ’ वीडियो संपादित और पुराना है
✍️ ThePrint
🗓 31 अग. 2026, 03:18 AM
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उत्त प्रदेश के शाहजहांपुर में बीजेपी काउंसिलरों ने भ्रष्टाचार शपथ का दावा करने वाले वायरल वीडियो को पुराना और संपादित बताया है।
शाहजहांपुर के कई बीजेपी काउंसिलरों ने सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे एक वीडियो को खारिज कर दिया, जिसमें पार्टी के सदस्यों को भ्रष्टाचार की शपथ लेते दिखाया गया है। इन प्रतिनिधियों का कहना है कि यह फुटेज न तो नया है और न ही वर्तमान पार्टी गतिविधियों से जुड़ा है; इसे डिजिटल रूप से बदलकर एक झूठी कहानी बनाई गई है।
काउंसिलरों के अनुसार, यह क्लिप किसी पुराने कार्यक्रम से ली गई है और इसे संपादित करके भ्रष्टाचार की साजिश जैसा दिखाया गया है। उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की कि ऐसी सामग्री की सत्यता की पुष्टि करने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाए।
अभी तक पार्टी ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, पर स्थानीय बीजेपी नेताओं ने कहा कि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी फर्जी या संपादित सामग्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना राज्य में हाल ही में उभरे कई वायरल विवादों में से एक है।
कुछ नागरिकों ने स्पष्टता के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क किया है, हालांकि अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। यह मामला राजनीतिक संवाद में misinformation की बढ़ती समस्या को उजागर करता है।
बीजेपी के राज्य स्तर के नेतृत्व से उम्मीद है कि वे इस मुद्दे को आगामी बैठक में उठाएंगे और वीडियो को फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी या अनुशासनात्मक कदमों पर विचार करेंगे।
काउंसिलरों के अनुसार, यह क्लिप किसी पुराने कार्यक्रम से ली गई है और इसे संपादित करके भ्रष्टाचार की साजिश जैसा दिखाया गया है। उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की कि ऐसी सामग्री की सत्यता की पुष्टि करने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाए।
अभी तक पार्टी ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, पर स्थानीय बीजेपी नेताओं ने कहा कि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी फर्जी या संपादित सामग्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना राज्य में हाल ही में उभरे कई वायरल विवादों में से एक है।
कुछ नागरिकों ने स्पष्टता के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क किया है, हालांकि अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। यह मामला राजनीतिक संवाद में misinformation की बढ़ती समस्या को उजागर करता है।
बीजेपी के राज्य स्तर के नेतृत्व से उम्मीद है कि वे इस मुद्दे को आगामी बैठक में उठाएंगे और वीडियो को फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी या अनुशासनात्मक कदमों पर विचार करेंगे।