📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ajaynioding
स्थानीय
शहडोल में 15 दिन से अधिक ठहरने पर पुलिस को देना होगा जानकारी: कलेक्टर का आदेश
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 03 सित. 2026, 05:17 PM
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शहडोल के कलेक्टर ने आदेश दिया कि 15 दिन से अधिक समय तक रहने वाले किरायेदार, कर्मचारी, छात्र, मजदूर, सुरक्षा गार्ड और होटल‑लॉज में ठहरने वालों को पुलिस को सूचित करना अनिवार्य है।
शहडोल, मध्य प्रदेश के कलेक्टर ने आदेश दिया कि शहर में 15 दिन से अधिक समय तक रहने वाले सभी व्यक्तियों को अपनी उपस्थिति पुलिस को सूचित करनी होगी। इस निर्देश में किरायेदार, कर्मचारी, छात्र, मजदूर, सुरक्षा गार्ड और होटल‑लॉज में ठहरने वाले सभी वर्ग शामिल हैं।
नए नियम के तहत पुलिस इन सभी वर्गों की पहचान और ठहराव की अवधि की पुष्टि करेगी। यह सत्यापन प्रक्रिया सार्वजनिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने और अस्थायी जनसंख्या को सुरक्षा ढांचे में शामिल करने के उद्देश्य से की जा रही है।
यदि कोई व्यक्ति इस सूचना अनिवार्यता का उल्लंघन करता है, तो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी, कलेक्टर ने कहा। यह प्रवर्तन उपाय उल्लंघनों को रोकने और शहडोल में दीर्घकालिक अस्थायी निवासियों की निगरानी को मजबूत करने के लिए है।
स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा व्यवस्थित रिकॉर्ड‑कीपिंग पर बढ़ता जोर इस आदेश में परिलक्षित होता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ प्रवासी और मौसमी श्रमिकों की आवक‑जावक अधिक होती है। अधिकारियों ने निवासियों से सहयोग करने का आग्रह किया है ताकि दंड से बचा जा सके।
कार्यान्वयन की समयसीमा के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, पर कलेक्टर ने कहा कि यह नियम शीघ्र ही लागू किया जाएगा ताकि जिले में कानून और व्यवस्था बनी रहे।
नए नियम के तहत पुलिस इन सभी वर्गों की पहचान और ठहराव की अवधि की पुष्टि करेगी। यह सत्यापन प्रक्रिया सार्वजनिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने और अस्थायी जनसंख्या को सुरक्षा ढांचे में शामिल करने के उद्देश्य से की जा रही है।
यदि कोई व्यक्ति इस सूचना अनिवार्यता का उल्लंघन करता है, तो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी, कलेक्टर ने कहा। यह प्रवर्तन उपाय उल्लंघनों को रोकने और शहडोल में दीर्घकालिक अस्थायी निवासियों की निगरानी को मजबूत करने के लिए है।
स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा व्यवस्थित रिकॉर्ड‑कीपिंग पर बढ़ता जोर इस आदेश में परिलक्षित होता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ प्रवासी और मौसमी श्रमिकों की आवक‑जावक अधिक होती है। अधिकारियों ने निवासियों से सहयोग करने का आग्रह किया है ताकि दंड से बचा जा सके।
कार्यान्वयन की समयसीमा के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, पर कलेक्टर ने कहा कि यह नियम शीघ्र ही लागू किया जाएगा ताकि जिले में कानून और व्यवस्था बनी रहे।