शहडोल में खाकी का बड़ा प्रहार: जयसिंहनगर में 1.13 करोड़
शहडोल में खाकी का बड़ा प्रहार: जयसिंहनगर में 1.13 करोड़ का 7 क्विंटल से अधिक गांजा जब्त, अमलाई के 'श्रीवास्तव मोड़' तक पहुंचे तस्करी के तार?
शहडोल / जयसिंहनगर:
शहडोल जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और धमाकेदार एक्शन लिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के सख्त निर्देशों और जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय बैगा की टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई से नशा तस्करों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। नवरात्रि गश्त के दौरान पुलिस ने एक ट्रक से 735 किलो 440 ग्राम (लगभग 7 क्विंटल) अवैध गांजा बरामद किया है। जब्त किए गए गांजे, ट्रक और मोबाइल की कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई है।
कार्रवाई और गिरफ्तारियां
जयसिंहनगर पुलिस ने इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान उत्तर प्रदेश और झारखंड के रहने वाले ट्रक चालक राहुल विश्वकर्मा और खलासी नारायण मंडल के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है और उनके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
अब गरमाया मामला: क्या अमलाई थाना क्षेत्र के 'श्रीवास्तव मोड़' से जुड़े हैं ड्रग रैकेट के तार?
इस भारी-भरकम खेप के पकड़े जाने के बाद अब शहडोल जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है और आम जनता तथा प्रबुद्ध वर्ग के बीच तीखे सवाल उठने लगे हैं। शहर में सुगबुगाहट तेज है कि इस अंतराज्यीय अवैध नेक्सेस के मुख्य तार सीधे तौर पर 'अमलाई थाना क्षेत्र के श्रीवास्तव मोड़' से जुड़े हुए हैं।
जनता और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी खेप बिना किसी स्थानीय सरगना या बड़े सिंडिकेट के संरक्षण के इतने अंदर तक नहीं पहुंच सकती।
प्रबुद्ध वर्ग और जनता की पुरजोर मांग
शहडोल की जनता ने पुलिस प्रशासन और एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं:
सख्त पूछताछ और खुलासे: गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर इस बात का पर्दाफाश किया जाए कि इस खेप का असली खरीदार कौन था और यह माल शहडोल में किसे डिलीवर होना था।
श्रीवास्तव मोड़ कनेक्शन की जांच: अमलाई के श्रीवास्तव मोड़ और उससे जुड़े संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस की विशेष टीम छापेमारी करे, ताकि पर्दे के पीछे बैठकर इस काले कारोबार को संचालित करने वाले मुख्य आकाओं के चेहरे बेनकाब हो सके।
जड़ से सफाया: इस ड्रग्स के जाल में शामिल छोटे-मोटे मोहरों के साथ-साथ सिंडिकेट के सरगनाओं पर भी एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
बड़ा सवाल
क्या शहडोल पुलिस इस ऐतिहासिक कार्रवाई की सफलता के बाद अमलाई थाना क्षेत्र के 'श्रीवास्तव मोड़' के उस कथित बड़े सिंडिकेट तक पहुंचकर पूरे नेक्सस का पर्दाफाश कर पाएगी? अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस प्रशासन के अगले ऐक्शन पर टिकी हैं।
शहडोल / जयसिंहनगर:
शहडोल जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और धमाकेदार एक्शन लिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के सख्त निर्देशों और जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय बैगा की टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई से नशा तस्करों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। नवरात्रि गश्त के दौरान पुलिस ने एक ट्रक से 735 किलो 440 ग्राम (लगभग 7 क्विंटल) अवैध गांजा बरामद किया है। जब्त किए गए गांजे, ट्रक और मोबाइल की कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई है।
कार्रवाई और गिरफ्तारियां
जयसिंहनगर पुलिस ने इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान उत्तर प्रदेश और झारखंड के रहने वाले ट्रक चालक राहुल विश्वकर्मा और खलासी नारायण मंडल के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है और उनके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
अब गरमाया मामला: क्या अमलाई थाना क्षेत्र के 'श्रीवास्तव मोड़' से जुड़े हैं ड्रग रैकेट के तार?
इस भारी-भरकम खेप के पकड़े जाने के बाद अब शहडोल जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है और आम जनता तथा प्रबुद्ध वर्ग के बीच तीखे सवाल उठने लगे हैं। शहर में सुगबुगाहट तेज है कि इस अंतराज्यीय अवैध नेक्सेस के मुख्य तार सीधे तौर पर 'अमलाई थाना क्षेत्र के श्रीवास्तव मोड़' से जुड़े हुए हैं।
जनता और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी खेप बिना किसी स्थानीय सरगना या बड़े सिंडिकेट के संरक्षण के इतने अंदर तक नहीं पहुंच सकती।
प्रबुद्ध वर्ग और जनता की पुरजोर मांग
शहडोल की जनता ने पुलिस प्रशासन और एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं:
सख्त पूछताछ और खुलासे: गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर इस बात का पर्दाफाश किया जाए कि इस खेप का असली खरीदार कौन था और यह माल शहडोल में किसे डिलीवर होना था।
श्रीवास्तव मोड़ कनेक्शन की जांच: अमलाई के श्रीवास्तव मोड़ और उससे जुड़े संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस की विशेष टीम छापेमारी करे, ताकि पर्दे के पीछे बैठकर इस काले कारोबार को संचालित करने वाले मुख्य आकाओं के चेहरे बेनकाब हो सके।
जड़ से सफाया: इस ड्रग्स के जाल में शामिल छोटे-मोटे मोहरों के साथ-साथ सिंडिकेट के सरगनाओं पर भी एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
बड़ा सवाल
क्या शहडोल पुलिस इस ऐतिहासिक कार्रवाई की सफलता के बाद अमलाई थाना क्षेत्र के 'श्रीवास्तव मोड़' के उस कथित बड़े सिंडिकेट तक पहुंचकर पूरे नेक्सस का पर्दाफाश कर पाएगी? अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस प्रशासन के अगले ऐक्शन पर टिकी हैं।