शहडोल जैतपुर बलबहरा जंगली सुअरों के आतंक से मक्के की फसल बर्बाद, सूचना के बाद भी कार्रवाई का इंतजार शहडोल बलबहरा ग्रामीण क्षेत्र। जंगली
शहडोल जैतपुर बलबहरा जंगली सुअरों के आतंक से मक्के की फसल बर्बाद, सूचना के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
शहडोल बलबहरा ग्रामीण क्षेत्र।
जंगली सुअरों के झुंड द्वारा किसानों की मक्के की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है। किसानों का कहना है कि फसल को लगातार नुकसान होने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन आज दिनांक तक मौके पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीण किसानों के अनुसार जंगली सुअर रात के समय खेतों में पहुंचकर मक्के की फसल को रौंदने और खाने से नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और मेहनत से तैयार की गई फसल खराब होने की चिंता बनी हुई है।
किसानों का आरोप है कि मामले की सूचना संबंधित विभाग के अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए न तो पर्याप्त निगरानी की गई और न ही किसानों को राहत देने के लिए कोई ठोस पहल दिखाई दी।
किसानों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
पीड़ित किसानों ने संबंधित वन विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर फसल नुकसान का जायजा लिया जाए, आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा किसानों को नियमानुसार मिलने वाली सहायता/मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाए।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते जंगली सुअरों से फसल की सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।
अब देखना यह है कि किसानों की शिकायत पर संबंधित विभाग कब तक कार्रवाई करता है और उन्हें फसल नुकसान से राहत मिल पाती है।
शहडोल बलबहरा ग्रामीण क्षेत्र।
जंगली सुअरों के झुंड द्वारा किसानों की मक्के की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है। किसानों का कहना है कि फसल को लगातार नुकसान होने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन आज दिनांक तक मौके पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीण किसानों के अनुसार जंगली सुअर रात के समय खेतों में पहुंचकर मक्के की फसल को रौंदने और खाने से नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और मेहनत से तैयार की गई फसल खराब होने की चिंता बनी हुई है।
किसानों का आरोप है कि मामले की सूचना संबंधित विभाग के अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए न तो पर्याप्त निगरानी की गई और न ही किसानों को राहत देने के लिए कोई ठोस पहल दिखाई दी।
किसानों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
पीड़ित किसानों ने संबंधित वन विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर फसल नुकसान का जायजा लिया जाए, आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा किसानों को नियमानुसार मिलने वाली सहायता/मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाए।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते जंगली सुअरों से फसल की सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।
अब देखना यह है कि किसानों की शिकायत पर संबंधित विभाग कब तक कार्रवाई करता है और उन्हें फसल नुकसान से राहत मिल पाती है।