📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Brajesh Ohdar
बिज़नेस
सेबी ने बाजार खिलाड़ियों के लिए साइबर रिपोर्टिंग को मानकीकृत किया
✍️ Outlook Money
🗓 26 अग. 2026, 07:19 AM
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सेबी ने साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए एक समान ढांचा लागू किया, जिससे शेयर बाजार के सभी खिलाड़ियों की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
सेबी ने नई दिशा‑निर्देश जारी किए हैं, जिनमें सभी सूचीबद्ध कंपनियों, दलालों, डिपॉज़िटरी और अन्य बाजार खिलाड़ियों को साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए एक समान प्रोटोकॉल अपनाना अनिवार्य किया गया है। इस ढांचे से प्रतिभूति बाजार में खतरों की एकीकृत तस्वीर बनाना आसान होगा।
यह कदम तब आया है जब वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमलों में तीव्र वृद्धि देखी जा रही है, जिससे ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म और डेटा सिस्टम की कमजोरियों का पता चला है। हालिया उल्लंघनों ने शीघ्र सूचना और समन्वित प्रतिक्रिया की आवश्यकता को उजागर किया है।
नए नियमों के तहत, किसी भी उल्लंघन का पता चलते ही संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेबी को सूचित करना होगा, तकनीकी विवरण प्रदान करना होगा और जांच में पूर्ण सहयोग देना होगा। अनुपालन न करने पर नियामक दंड लागू हो सकता है।
सेबी ने बाजार खिलाड़ियों से अपनी साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने, नियमित जोखिम मूल्यांकन करने, समर्पित घटना‑प्रतिक्रिया टीम बनाए रखने और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का आग्रह किया है।
रेगुलेटर का मानना है कि मानकीकृत रिपोर्टिंग बेहतर निगरानी, तेज़ remedial कार्रवाई और सामूहिक सीखने को संभव बनाएगी, जिससे भारत के पूँजी बाजार में कुल साइबर जोखिम कम होगा।
यह कदम तब आया है जब वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमलों में तीव्र वृद्धि देखी जा रही है, जिससे ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म और डेटा सिस्टम की कमजोरियों का पता चला है। हालिया उल्लंघनों ने शीघ्र सूचना और समन्वित प्रतिक्रिया की आवश्यकता को उजागर किया है।
नए नियमों के तहत, किसी भी उल्लंघन का पता चलते ही संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेबी को सूचित करना होगा, तकनीकी विवरण प्रदान करना होगा और जांच में पूर्ण सहयोग देना होगा। अनुपालन न करने पर नियामक दंड लागू हो सकता है।
सेबी ने बाजार खिलाड़ियों से अपनी साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने, नियमित जोखिम मूल्यांकन करने, समर्पित घटना‑प्रतिक्रिया टीम बनाए रखने और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का आग्रह किया है।
रेगुलेटर का मानना है कि मानकीकृत रिपोर्टिंग बेहतर निगरानी, तेज़ remedial कार्रवाई और सामूहिक सीखने को संभव बनाएगी, जिससे भारत के पूँजी बाजार में कुल साइबर जोखिम कम होगा।