📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Orissa_locator_map.svg: PlaneMad
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स्वास्थ्य
अंगुल, ओडिशा में स्क्रब टायफस के मामले बढ़े
✍️ Kanak News Odisha
🗓 10 सित. 2026, 02:03 PM
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अंगुल जिले में स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्क्रब टायफस के मामलों में वृद्धि की सूचना दी, मौसमी बारिश के चलते सावधानी बरतने की अपील की।
अंगुल जिले के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने इस मानसून में स्क्रब टायफस के मामलों में वृद्धि की पुष्टि की है, जिससे जिला स्तर पर सतर्कता जारी की गई है। अधिकारियों ने बताया कि कई रोगियों में इस रिकेट्सिया रोग के संक्रमण का पता लगाया गया है, जो घास‑भरे क्षेत्रों में रहने वाले चिगर के काटने से फैलता है।
स्क्रब टायफस में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और काटने के स्थान पर विशेष एस्कर जैसी त्वचा की घाव दिखाई देते हैं। शुरुआती पहचान और डॉक्सीसाइक्लिन से उपचार जटिलताओं को रोकने के लिए आवश्यक है।
जिला स्वास्थ्य कार्यालय ने जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें किसान, श्रमिक और वन‑कामगारों को सुरक्षा कपड़े पहनने और कीट निरोधक उपयोग करने की सलाह दी गई है। संक्रमित क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल टीमों द्वारा बुखार की जांच भी की जा रही है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि लगातार भारी बारिश चिगर के प्रजनन के अनुकूल माहौल बनाती है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ता है। बुखार या अनजाने त्वचा घाव दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की गई है।
विभाग स्थिति की निरंतर निगरानी करेगा और स्थानीय अधिकारियों से निवास और सार्वजनिक स्थानों के आसपास घास‑झाड़ी साफ़ करने जैसे वेक्टर‑नियंत्रण उपायों में सहयोग करने को कहा है।
स्क्रब टायफस में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और काटने के स्थान पर विशेष एस्कर जैसी त्वचा की घाव दिखाई देते हैं। शुरुआती पहचान और डॉक्सीसाइक्लिन से उपचार जटिलताओं को रोकने के लिए आवश्यक है।
जिला स्वास्थ्य कार्यालय ने जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें किसान, श्रमिक और वन‑कामगारों को सुरक्षा कपड़े पहनने और कीट निरोधक उपयोग करने की सलाह दी गई है। संक्रमित क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल टीमों द्वारा बुखार की जांच भी की जा रही है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि लगातार भारी बारिश चिगर के प्रजनन के अनुकूल माहौल बनाती है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ता है। बुखार या अनजाने त्वचा घाव दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की गई है।
विभाग स्थिति की निरंतर निगरानी करेगा और स्थानीय अधिकारियों से निवास और सार्वजनिक स्थानों के आसपास घास‑झाड़ी साफ़ करने जैसे वेक्टर‑नियंत्रण उपायों में सहयोग करने को कहा है।