📷 चित्र स्रोत: The New Indian Express (via NewsData)
देश
SC ने फुटपाथ पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया
✍️ The New Indian Express
🗓 20 जून 2026, 06:32 AM
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सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि एक निर्धारित फुटपाथ पर चलने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(d) के तहत एक मौलिक अधिकार है।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि नागरिकों के लिए निर्धारित फुटपाथों के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर चलने की क्षमता एक मौलिक अधिकार है। शीर्ष अदालत के इस फैसले ने इस अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(d) से जोड़ा है, जो भारत के पूरे क्षेत्र में घूमने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
यह न्यायिक व्याख्या सुलभ और सुरक्षित पैदल यात्री बुनियादी ढांचे के महत्व को रेखांकित करती है। अदालत के फैसले का तात्पर्य है कि अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि फुटपाथ जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध और सुव्यवस्थित हों, जिससे स्वतंत्र रूप से और सुरक्षित रूप से चलने के मौलिक अधिकार को सुगम बनाया जा सके।
यह न्यायिक व्याख्या सुलभ और सुरक्षित पैदल यात्री बुनियादी ढांचे के महत्व को रेखांकित करती है। अदालत के फैसले का तात्पर्य है कि अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि फुटपाथ जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध और सुव्यवस्थित हों, जिससे स्वतंत्र रूप से और सुरक्षित रूप से चलने के मौलिक अधिकार को सुगम बनाया जा सके।